घाघरा (गुमला)। घाघरा थाना क्षेत्र के सेहल चतमदाग इलाके में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए अफीम की अवैध खेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया। गुप्त सूचना के आधार पर घाघरा थाना पुलिस, अंचल प्रशासन और अन्य अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से पूरे क्षेत्र में चल रही अवैध फसल को जड़ से उखाड़ दिया। अभियान के दौरान पुलिस की सतर्कता, तत्परता और सख्ती स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जिसकी स्थानीय लोगों ने भी सराहना की।
यह कार्रवाई अंचल अधिकारी खाखा सुशील कुमार और थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर नशे का अवैध कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें संलिप्त लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि इस अवैध खेती के पीछे बाहरी अफीम तस्करों का हाथ रहता है, जो भोले-भाले और अशिक्षित आदिवासी ग्रामीणों को गुमराह कर उनसे खेती करवाते हैं। कई ग्रामीण अफीम के पौधे को पहचान नहीं पाते और उसे साधारण फूल की खेती समझकर तस्करों के बहकावे में आ जाते हैं। तस्कर जानबूझकर वन भूमि, सरकारी जमीन और दुर्गम इलाकों का चयन करते हैं, जहां सड़क या आम आवाजाही कम होती है, ताकि प्रशासन की नजर से बचा जा सके।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध खेती या बाहरी लोगों की गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और ऐसे झांसे में न आएं। यह कार्रवाई न केवल नशा तस्करों के खिलाफ सख्त संदेश है, बल्कि निर्दोष ग्रामीणों को शोषण से बचाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।