बालूमाथ।झारखंड की राजनीति और जनआंदोलन के पुरोधा, दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर है। इसी क्रम में बालूमाथ निवासी एवं वर्तमान में पदस्थापित एसडीएम प्रवीण कुमार सिंह ने नेमरा गांव पहुँचकर उन्हें अंतिम जोहार करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
एसडीएम प्रवीण कुमार सिंह ने दिवंगत नेता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि “गुरुजी का जीवन संघर्ष, सिद्धांतों और जनसेवा से भरा रहा है। उनका योगदान झारखंड के निर्माण, आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा और प्रदेश की सामाजिक-राजनीतिक चेतना को जगाने में अमूल्य है। वे सिर्फ एक राजनेता नहीं, बल्कि जनआंदोलन के प्रतीक और प्रेरणा के स्रोत थे।”
उन्होंने आगे कहा कि गुरुजी ने कठिन परिस्थितियों में भी जनता की आवाज बुलंद की और गरीब, किसान, मजदूर एवं आदिवासी समुदाय के हक की लड़ाई को अपना जीवन समर्पित किया। उनकी सादगी, कर्मठता और स्पष्टवादिता आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा एक आदर्श बनी रहेगी।
ग्रामवासियों ने भी एसडीएम के साथ मिलकर गुरुजी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने झारखंड की अस्मिता और पहचान के लिए जो लड़ाई लड़ी, वह इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
गौरतलब है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का राजनीतिक सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा। उन्होंने झारखंड आंदोलन के शुरुआती दौर से ही सक्रिय भूमिका निभाई और राज्य गठन तक अपनी आवाज बुलंद रखी। कई बार सांसद और मुख्यमंत्री रहे गुरुजी ने हमेशा वंचित और पिछड़े वर्ग के उत्थान को प्राथमिकता दी।