बालोद (छत्तीसगढ़), मंगलवार सुबह:
झारखंड से काम की तलाश में छत्तीसगढ़ पहुंचे 11 मजदूरों में से दो की मंगलवार सुबह दर्दनाक मौत हो गई जब वे रेलवे पटरी पर सोते समय ट्रेन की चपेट में आ गए। यह हादसा बालोद जिले के कुसुमकसा और दल्लीराजहरा रेलवे खंड के बीच सुबह करीब चार बजे हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मजदूर लंबी यात्रा और थकावट के कारण रेलवे ट्रैक के किनारे ही विश्राम कर रहे थे। इसी दौरान उनमें से चार मजदूर पटरी पर ही सो गए। दुर्भाग्यवश, उसी समय एक ट्रेन वहां से गुजरी जिससे दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि उनके शव क्षत-विक्षत हालत में पाए गए।
वहीं, दो अन्य मजदूर जो उसी समय नींद से जागे और भागने की कोशिश में लगे थे, गंभीर रूप से घायल हो गए। घटनास्थल पर उनके बैग, मोबाइल और अन्य सामान बिखरे मिले।
सूचना मिलते ही दल्लीराजहरा पुलिस और रेलवे की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा, जबकि घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।
प्रशासन की चुप्पी और गरीब मजदूरों की बेबसी:
यह हादसा न केवल एक दुर्घटना है, बल्कि यह प्रवासी मजदूरों की दयनीय स्थिति और सरकारी व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है। काम की तलाश में निकले ये लोग न तो ठहरने की उचित व्यवस्था पा सके और न ही कोई सुरक्षा। रेलवे ट्रैक पर सो जाना किसी भी इंसान की विवशता को दर्शाता है।
जरूरत है ठोस कदमों की:
इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए राज्य सरकारों और रेलवे प्रशासन को समन्वय बनाकर प्रवासी मजदूरों के ठहराव, मार्गदर्शन और सुरक्षा की उचित व्यवस्था करनी होगी।