लातेहार:- उपायुक्त गरिमा सिंह की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी एक्ट के समुचित क्रियान्वयन हेतु जिला सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया।
उपायुक्त ने कहा लिंग जाँच एवं लिंग चयनात्मक गर्भपात को रोकने के लिए पीसीपीएनडीटी एक्ट बनाया गया है। पीसीपीएनडीटी एक्ट के समुचित क्रियान्वयन के लिए हमें संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ कार्य करना है। उपायुक्त ने सिविल सर्जन से नवजात बच्चों में लिंगानुपात के बारे जानकारी लिया। सिविल सर्जन द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि माह अप्रैल 2023 से माह जुलाई 2024 तक लातेहार जिले में जन्मे बच्चों का लिंग अनुपात 921 है।
उपायुक्त ने सिविल सर्जन को जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड जाँच केंद्रों में औचक जाँच कर पीसीपीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन पाये जाने पर नियमानुसार कारवाई करने का निर्देश दिया। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में 8 निजी अस्पताल/नर्सिंग होम में अल्ट्रासाउंड जाँच किया जाता है। बालूमाथ प्रखंड में 1-1 अल्ट्रासाउंड जाँच केंद्र का जाँच किया गया था। जिला निगरानी समिति के सदस्यों के साथ अन्य अल्ट्रासाउंड जाँच केंद्रों में भी औचक जाँच किया जाएगा।
बैठक में सिविल सर्जन ने बताया कि जिले के चार नवीनतम अल्ट्रासाउंड के पंजीकरण हेतु प्रस्ताव प्राप्त है। उपायुक्त ने जिला निगरानी समिति के सदस्यों के द्वारा उन अल्ट्रासाउंड जाँच केंद्रों का जाँच
कर प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ अवधेश सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी लातेहार श्री अजय कुमार रजक, उपाधीक्षक सदर अस्पताल डॉ अखिलेश्वर सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ चंदन, डॉ शोभना टोपनो, अन्य संबंधित उपस्थित थे।