हरियाणा के कोठी में मासिक 5 से 6 हजार रुपये मिलता है
बसंत कुमार गुप्ता व्यूरो प्रमुख गुमला।
मिशन बदलाव गुमला के भूषण भगत,बिनय गोप प्रेम कुमार के पास भरनो सदर के करंज कुसुमटोली,टेटरबीरा गांव के पीडित परिवार मिलने पहुँचे।पीड़िता के पिताजी गोंगिया मुंडा और पुष्पा कुमारी बताया की पिछले छह साल पहले सरस्वती वर्तमान में 22 साल हरियाणा में दलाल जितेंद्र के ठग फुसलाकर ले जाया गया था और , कोरोनाकाल में सरस्वती कुमारी कोठी में मंयक जो हरियाणा के रहने वाले है उनके यहां काम कर रही है और दलाल जितेंद्र जब सरस्वती 17 या 18 साल थी तब वो समय लेकर हरियाणा गया था।आज गुड़िया के परिजन चाहते है कि सरस्वति बेटी वापस आये लेकिन लेकिन कोठी के मालिक और परिवार उनको वापस आने नही देना चाहती है।लड़की के परिवार वाले बतायें की जब कभी मेरी बेटी से बात करना चाहते तो अगल बगल कोठी वाले मालिक खड़े रहते है और बेटी दबाव में सही से कुछ भी बात बताने से डरती है और वापस आना भी चाहती है तो आ नही सकती है आज छ साल से उसके परिवार वाले भी उनसे नहीँ मिले है और सभी बेटी से मिलने के लिये तरस रहे है और जब सरस्वती बात करती है तो दबाव के वजह से वो हमेशा बोलती है कि सब कुछ ठीक ठीक और उसके परिवार कहते है उसके साथ कुछ भी ठीक नही है लेकिन डर के वजह से वो चुपचाप है और उसकी सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित है।