लातेहार। झारखंड में कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल करने की मांग को लेकर जारी विवाद अब और तेज हो गया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों की तरह लातेहार में भी इस मांग का आदिवासी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। इसी क्रम में समाजसेवी एवं छात्र नेता कमलेश उराँव ने कहा कि आदिवासी समाज की अपनी अलग सांस्कृतिक पहचान, भाषा, नृत्य-गान और त्योहार हैं, जिनसे कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि “करम से लेकर सरहुल तक, आदिवासी परंपराएँ हमारी अस्मिता…