बरहरवा में 180 वर्षों से हो रही मां काली की पूजा, 1008 कन्याओं की कलश शोभायात्रा के साथ वार्षिक उत्सव शुरू
6 से 9 नवंबर तक चलेगा चार दिवसीय धार्मिक महोत्सव, तारापीठ और दक्षिणेश्वर से पहुंचे पुरोहितों ने कराया विधि-विधान से पूजन

रिपोर्ट निशांत कुमार सोनू,
बरहरवा।बरहरवा नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत काली तल्ला स्थित सार्वजनिक श्री श्री बड़ी काली मंदिर में विगत 180 वर्षों से माँ काली की पूजा होती आ रही है। हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी 6 नवंबर से वार्षिक काली पूजन उत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वल के साथ शुरू हुआ।

मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष पंचू सिंह ने बताया कि 6 नवंबर, शुक्रवार को प्रातः 9:00 बजे बड़ी काली मंदिर प्रांगण से 1008 कुमारी कन्याओं द्वारा भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई। तत्पश्चात् माँ काली का अभिषेक, श्रृंगार एवं आरती दर्शन हुआ। इसके बाद पूजन उत्सव कार्यक्रम विधिवत प्रारंभ किया गया।
इस वर्ष का पूजन उत्सव पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध शक्तिपीठ तारापीठ से आए पुरोहित तांत्रिक पुटू बाबा एवं दक्षिणेश्वर से पधारे पुरोहित तरुण बाबा के अलावे अन्य पुरोहित व तांत्रिकों के मंत्रोच्चारण से पूर्ण विधि-विधान के साथ पूजन, हवन, महाआरती एवं प्रसाद वितरण का कार्यक्रम संपन्न हुआ।

इधर प्रबंध समिति के महासचिव अमन राय ने बताया कि 6 नवंबर से लेकर 9 नवंबर तक बड़ी काली मंदिर में पूजन उत्सव हवन के अलावा अन्य कई प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।7 नवंबर को प्रातः 11:00 बजे से रुद्राभिषेक एवं पूजन होगा। संध्या 7:00 बजे से छोटे-छोटे बच्चों एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
8 नवंबर को वार्षिक काली पूजा मध्य रात्रि 12:05 बजे से प्रारंभ होगी। 9 नवंबर को संध्या 6:00 बजे महा आरती एवं महाप्रसाद वितरण के साथ मेला का आयोजन होगा।
इस महोत्सव को लेकर समिति के आकाश भास्कर दुलाल शाह पिया शाह सिंटू शाह विनोद भास्कर राकेश भास्कर राजेश भास्कर रोनित दास विनीत दास राजा चौधरी सौरभ चौधरी रॉकी रामानी स्वरूप सिंह सहित सभी सदस्यगण जोर-शोर से तैयारियों में जुटे हुए हैं। मंदिर को गेंदा फूल एवं आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। एवं मेले का भी आयोजन किया गया है मेले में झूला नौका मिकी माउस जंपिंग के अलावा खेल तमाशा कल दुकान सजा है ।
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