पाकुड़: राजस्व कर्मियों का 29 अक्टूबर को कलमबंद हड़ताल
पाकुड़ में राजस्व कर्मियों का विरोध, आज कलमबंद हड़ताल; लक्ष्मीकांत मुंडा हत्याकांड में कार्रवाई की मांग

पाकुड़ संवाददाता | केशव तिवारी,
पाकुड़। रांची के अरगोड़ा अंचल कार्यालय में कार्यरत राजस्व उप निरीक्षक लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या के बाद झारखंड के राजस्व कर्मियों में आक्रोश है। घटना के विरोध में राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू हो गया है। बुधवार को पाकुड़ जिले में राजस्व उप निरीक्षकों, अंचल निरीक्षकों और अंचल अमीन ने काला बिल्ला लगाकर काम किया और सरकार के प्रति विरोध जताया। कर्मियों ने हत्याकांड के आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी और राजस्व कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

कैंडल मार्च निकालकर जताया विरोध
झारखंड राज्य राजस्व उप निरीक्षक संघ के आह्वान पर आंदोलन के पहले चरण में 27 अक्टूबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान दिवंगत राजस्व कर्मी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और हत्याकांड में शामिल आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी तथा कठोर कार्रवाई की मांग उठाई गई। इसके बाद 28 अक्टूबर को कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर अपने दायित्वों का निर्वहन किया।
आरोपितों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग
राजस्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष शिवाशीष वात्सायन ने कहा कि लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या से पूरे राज्य के राजस्व कर्मियों में गहरा आक्रोश है। संघ ने पुलिस प्रशासन से हत्याकांड के आरोपितों को शीघ्र गिरफ्तार करने और उन्हें कठोरतम सजा दिलाने की मांग की है। साथ ही राज्य सरकार से राजस्व कर्मियों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी व्यवस्था लागू करने की अपील की है।
कर्मियों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी यदि सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो उनके लिए निर्भीक होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करना मुश्किल होगा। संघ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की सुरक्षा और दिवंगत सहकर्मी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
29 अक्टूबर को कलमबंद हड़ताल
आंदोलन के अगले चरण में संघ ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को कलमबंद हड़ताल का निर्णय लिया है। इस दौरान राजस्व कर्मियों के कामकाज से अलग रहने के कारण अंचल कार्यालयों में राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने की आशंका है। इससे आम लोगों को भी संबंधित सरकारी सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
राजस्व कर्मियों ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। अब देखना होगा कि सरकार और पुलिस प्रशासन उनकी मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।
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