
मेदिनीनगर। संवाददाता अनुज तिवारी,
पलामू जिले के सदर अस्पताल डाल्टेनगंज में मरीजों को बाहर निजी जांच केंद्रों से जांच कराने के लिए कथित तौर पर दबाव दिए जाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर जदयू के प्रखंड अध्यक्ष प्रवीण तिवारी ने सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पलामू के उपायुक्त (डीसी) और सिविल सर्जन (सीएस) से सरकारी अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा करने की अपील की है।
मशीन खराब होने की बात कह बाहर भेजने का आरोप
प्रवीण तिवारी के अनुसार, सदर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचने वाले गरीब और ग्रामीण मरीजों को कथित तौर पर कई बार यह कहकर बाहर भेज दिया जाता है कि अस्पताल की जांच मशीनें खराब हैं। आरोप है कि इसके बाद मरीजों को निजी क्लिनिकों और बाहरी जांच केंद्रों में जांच कराने की सलाह दी जाती है।
मामले में अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आरके रंजन और कुछ अन्य स्वास्थ्यकर्मियों पर भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक, कुछ मरीजों को कथित तौर पर चुनिंदा निजी जांच केंद्रों पर जाने के लिए कहा जाता है। यह भी आरोप है कि दूसरे जांच केंद्र से रिपोर्ट लेकर आने वाले मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श देने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित चिकित्सक और अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है।
कमीशनखोरी के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच की मांग
जदयू प्रखंड अध्यक्ष प्रवीण तिवारी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में गरीब और ग्रामीण मरीज इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं। ऐसे में यदि उन्हें जरूरी जांच के लिए बाहर जाना पड़ता है, तो उनकी आर्थिक परेशानी बढ़ जाती है। उन्होंने आरोपों की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाने की मांग की कि मरीजों को बाहर जांच कराने की सलाह किन परिस्थितियों में दी जा रही है और क्या इसमें किसी तरह की अनियमितता शामिल है।
उन्होंने जिला प्रशासन से अस्पताल की जांच मशीनों की वास्तविक स्थिति की समीक्षा कराने तथा खराब उपकरणों को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की। साथ ही, यदि किसी चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी की भूमिका में अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई करने की अपील की।
गरीब मरीजों को राहत देने की मांग
प्रवीण तिवारी ने कहा कि सदर अस्पताल जिले के दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। यहां जांच और इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि मरीजों को अनावश्यक खर्च और परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
क्या जिला प्रशासन इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेकर स्वास्थ्य माफियाओं पर लगाम कसेगा? पलामू की जनता अब इस पर त्वरित और ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठी है।
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