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साले के वेतन और संपत्ति पर कब्जे की थी साजिश, हत्या कर शव को बाइक से बांध खदान में फेंका:तीन गिरफ्तार


पाकुड़ संवाददाता।साले की देखभाल के बहाने उसके वेतन और संपत्ति पर कब्जा जमाने की साजिश ने मंटू दास की जान ले ली। पाकुड़ के मालीपाड़ा स्थित बंद खदान से बरामद शव के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले मंटू दास की हत्या की और फिर साक्ष्य मिटाने के इरादे से उसके शव को उसी की पल्सर बाइक से बांधकर बंद खदान के गहरे पानी में फेंक दिया। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, लोहे का हथौड़ा, खून लगे कपड़े और दो बाइक समेत अन्य सामान बरामद किए गए हैं। गुरुवार को एसपी अनुदीप सिंह ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी।
बेऔलाद साले की संपत्ति पर थी नजर
एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि 13 अक्टूबर को नगर थाना क्षेत्र के मालीपाड़ा स्थित बंद खदान से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। नगर थाना कांड संख्या 236/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ कुमार गौरव के नेतृत्व में विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) गठित किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर मृतक की पहचान मंटू दास के रूप में हुई। वह मूल रूप से दुमका मुफस्सिल थाना क्षेत्र के धोबना गांव का निवासी था और वर्तमान में पाकुड़ के धनुषपूजा में रहता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि मंटू दास का साला साबिर सोरेन पशुपालन विभाग में कार्यरत है। वह पाकुड़ के धनुषपूजा में आलोक मुर्मू के घर किराये पर रहता है। साबिर की कोई संतान नहीं है और मंटू उसकी देखभाल करता था। पुलिस के मुताबिक, इसी स्थिति का फायदा उठाने के लिए आलोक मुर्मू और उसके दो साथियों ने कथित तौर पर हत्या की साजिश रची। योजना थी कि मंटू को रास्ते से हटाने के बाद साबिर का विश्वास जीता जाए और उसकी देखभाल के बहाने वेतन का इस्तेमाल करते हुए भविष्य में उसकी संपत्ति पर कब्जा जमाया जाए।
हत्या के बाद शव को बाइक से बांध खदान में फेंका
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने साजिश के तहत मंटू दास पर कुल्हाड़ी और लोहे के हथौड़े से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद खटिया की पटुआ रस्सी काटकर शव को उसकी पल्सर बाइक से बांधा और मालीपाड़ा स्थित बंद खदान के गहरे पानी में फेंक दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने ऐसा साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से किया था।
जांच के दौरान पुलिस ने खदान से मृतक की पल्सर बाइक (जेएच04वी4094) बरामद की। आरोपियों की पल्सर बाइक (जेएच16के5241), हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी और लोहे का हथौड़ा, खून लगे कपड़े तथा एक झोला भी जब्त किया गया है। बरामद सामान को जांच में अहम साक्ष्य माना जा रहा है।
तीन आरोपी गिरफ्तार,आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस ने मामले में आलोक मुर्मू, पिता स्वर्गीय मनोज मुर्मू, मूल निवासी सिमलोती, शिकारीपाड़ा (दुमका), वर्तमान पता धनुषपूजा, पाकुड़; प्रीतम हेम्ब्रम और प्रिंस हेम्ब्रम, दोनों पिता प्रशांत हेम्ब्रम, निवासी धनुषपूजा, पाकुड़ को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से मिली जानकारी और बरामद सामान के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
एसआईटी की टीम ने किया उद्भेदन
हत्याकांड की जांच के लिए गठित एसआईटी में एसडीपीओ कुमार गौरव, नगर थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक जॉन मुर्मू, पुअनि सन्नी सुप्रभात, अभिषेक कुमार, अनंत साह, मिथुन रजक, सुबल कुमार दे, तकनीकी शाखा के पुअनि अरविंद कुमार राय, आरक्षी सूरज मुर्मू और नगर थाना सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
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