पाकुड़ सदर अस्पताल में बिजली व्यवस्था पर सख्ती, एसएनसीयू को 48 घंटे का अल्टीमेटम
एसएनसीयू में एक माह से स्टेबलाइजर लंबित, रात में लाइट नहीं जलने पर इलेक्ट्रीशियन को फटकार:जिम्मेदार कर्मियों से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण

रिपोर्ट : निशांत कुमार सानू,
पाकुड़ संवाददाता।पाकुड़ सदर अस्पताल के एसएनसीयू में एक माह बाद भी स्टेबलाइजर नहीं लगने और विद्युत व्यवस्था में खामियों पर सिविल सर्जन डॉ. प्रवीण कुमार संथालिया ने कड़ा रुख अपनाया है। रविवार को अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान लंबित कार्यों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित कर्मियों को फटकार लगायी। एसएनसीयू में स्टेबलाइजर लगाने और वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए 48 घंटे की समय-सीमा तय की। साथ ही, काम में देरी के लिए जिम्मेदार पदाधिकारी और कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया।

एसएनसीयू में महीने भर से लंबित था काम
एसएनसीयू में स्टेबलाइजर लगाने और वोल्टेज संबंधी तकनीकी खामियों को दूर करने का निर्देश करीब एक माह पहले दिया गया था। इसके बावजूद काम पूरा नहीं होने पर सिविल सर्जन ने नाराजगी जतायी। उन्होंने संबंधित कर्मियों से जवाब-तलब करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि अस्पताल की जरूरी व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रात में लाइट नहीं जलने पर इलेक्ट्रीशियन को फटकार
औचक निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने लेबर रूम, पुरुष वार्ड, महिला वार्ड, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड और एसएनसीयू का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं, साफ-सफाई और बिजली व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान रात में लाइट नहीं जलने की समस्या सामने आने पर उन्होंने संबंधित इलेक्ट्रीशियन मिंटू को फटकार लगायी और विद्युत व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
48 घंटे में सुधार का अल्टीमेटम
सिविल सर्जन ने संबंधित कर्मियों को अगले 48 घंटे के भीतर एसएनसीयू में स्टेबलाइजर लगाने और वोल्टेज से जुड़ी सभी आवश्यक तकनीकी समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करना सुनिश्चित किया जाए। निर्देशों की अवहेलना और कार्यों में लापरवाही पर संबंधित कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी। निरीक्षण के दौरान डॉ. दयानंद आर्य भी उपस्थित थे।
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