साड़म दुर्गा मंदिर में नवरात्र पूजा शुरू,100वें वर्ष में प्रवेश
1927 से चली आ रही पूजा परंपरा, सप्तमी से विजयादशमी तक दीपदान आरती और धूप नृत्य का होगा आयोजन

साड़म। साड़म पश्चिमी पंचायत क्षेत्र के श्रीश्री दुर्गा मंदिर, रेवार पटवा समाज में शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा तिथि पर विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की गई। आचार्य नारायण पाठक और विजय पांडेय के मंत्रोच्चार के बीच मां भगवती के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री सहित देवी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर मां दुर्गा से मंदिर में विराजमान होने और क्षेत्र पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।
1927 से चली आ रही पूजा परंपरा
पूजा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि मंदिर में दुर्गा पूजा की परंपरा वर्ष 1927 से चली आ रही है। इस वर्ष पूजा अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर रही है, जिसे लेकर समाज के लोगों और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। वर्षों पुरानी इस धार्मिक परंपरा से क्षेत्र के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है।

सप्तमी से होगा दीपदान आरती और धूप नृत्य
समिति के अनुसार, सप्तमी से विजयादशमी तक प्रत्येक संध्या सात बजे दीपदान आरती का आयोजन किया जाएगा। वहीं, रात्रि आठ बजे से धूप नृत्य कार्यक्रम होगा। इन आयोजनों को लेकर तैयारियां की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में भी भाग ले सकें।
प्रतिमाओं को आकर्षक रूप देने में जुटे कलाकार
मां दुर्गा की प्रतिमाओं को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने के लिए साड़म के प्रसिद्ध कलाकार श्याम आर्ट जुटे हुए हैं। पूजा को लेकर क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। श्रद्धालु अपने-अपने स्तर पर तैयारियों में लगे हैं। वहीं, पूजा समिति ने सभी लोगों से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है।
इस अवसर पर समाज के लोगों के साथ स्थानीय नागरिक और दुकानदार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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