मालदा जिला परिषद में बड़ा सियासी उलटफेर, चार सदस्यों वाली भाजपा ने 24 के समर्थन से बनाई सत्ता
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रिपोर्ट : निशांत कुमार सानू,
नलहाटी। मालदा जिला परिषद में मंगलवार को बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। महज चार सदस्यों वाली भाजपा ने 24 सदस्यों का समर्थन जुटाकर जिला परिषद की सत्ता अपने हाथ में ले ली। तृणमूल कांग्रेस के असंतुष्ट खेमे के सदस्यों के समर्थन से भाजपा समर्थित पैनल ने बहुमत का आंकड़ा पार किया। इसके बाद भाजपा की जिला परिषद सदस्य दीपाली बाला अध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस की जिला परिषद सदस्य लिपिका बर्मन घोष उपाध्यक्ष निर्वाचित हुईं।

मालदा जिला परिषद में कुल 43 सीटें हैं। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के गठन के लिए 22 सदस्यों का समर्थन जरूरी था। चुनाव में भाजपा के पास महज चार सदस्य थे, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के असंतुष्ट सदस्यों के साथ आने के बाद भाजपा समर्थित पैनल को कुल 24 सदस्यों का समर्थन मिल गया। बहुमत हासिल होते ही जिला परिषद की सत्ता का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गया।
तृणमूल की पूर्व अध्यक्ष ने भाजपा पैनल का किया समर्थन
नवनिर्वाचित अध्यक्ष दीपाली बाला हबीबपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की जिला परिषद सदस्य हैं। वहीं, उपाध्यक्ष निर्वाचित लिपिका बर्मन घोष तृणमूल कांग्रेस की पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष रह चुकी हैं। वर्तमान में वह जिला परिषद की सदस्य हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के असंतुष्ट खेमे के सदस्यों के साथ भाजपा समर्थित पैनल का समर्थन किया।
चार सदस्यों से सत्ता तक पहुंची भाजपा
मालदा जिला परिषद में भाजपा की संख्या भले ही चार रही, लेकिन अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में मिले 24 सदस्यों के समर्थन ने पार्टी को सत्ता तक पहुंचा दिया। इस घटनाक्रम को जिले की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष और क्रॉस-सपोर्ट ने भाजपा के लिए जिला परिषद की सत्ता का रास्ता खोल दिया।
जीत के बाद कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
दीपाली बाला और लिपिका बर्मन घोष के निर्वाचित होने की घोषणा के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। समर्थकों ने एक-दूसरे को बधाई दी और जीत का जश्न मनाया। जिला परिषद परिसर के बाहर भी समर्थकों की भीड़ और उत्साह का माहौल नजर आया।
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