रात में रेलवे स्टेशन पर भटक रहे पांच नाबालिगों को आरपीएफ ने सुरक्षित बचाया
तीनपहाड़ और बरहरवा स्टेशन पर अलग-अलग परिस्थितियों में मिले बच्चे, परिजनों से संपर्क के बाद बाल संरक्षण व्यवस्था के हवाले

बरहरवा संवाददाता। रेलवे स्टेशनों पर रात के समय सतर्कता बरत रही आरपीएफ ने सोमवार को तीनपहाड़ और बरहरवा स्टेशन से पांच नाबालिगों को सुरक्षित बरामद किया। अलग-अलग परिस्थितियों में मिले इन बच्चों के घर से निकलने के कारण भी अलग-अलग थे। कोई पारिवारिक परिस्थितियों के कारण घर से निकला था, तो कोई परिवार की असहमति के बावजूद घर छोड़कर चला आया था। वहीं, एक किशोरी सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में आये युवक से मिलने के लिए स्टेशन पहुंची थी। आरपीएफ ने समय रहते सभी बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की।
भाई को लेकर स्टेशन पहुंची बालिका
आरपीएफ पोस्ट बरहरवा के प्रभारी संजीव कुमार के नेतृत्व में टीम सोमवार रात करीब 10:35 बजे तीनपहाड़ स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक नाबालिग बालिका अपने करीब दो वर्षीय भाई के साथ अकेली मिली। पूछताछ में उसने बताया कि पारिवारिक कारणों से वह अपने छोटे भाई को लेकर घर से निकली थी। रास्ता भटकने के बाद दोनों स्टेशन पहुंच गये। आरपीएफ टीम दोनों को सुरक्षित बरहरवा पोस्ट लेकर आयी।

बंगाल जाने की तैयारी में मिले दो नाबालिग
रात करीब 12:20 बजे बरहरवा स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक और वेटिंग रूम में जांच के दौरान 17 वर्षीय बालक और 16 वर्षीय बालिका मिले। दोनों तीनपहाड़ थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पूछताछ में पता चला कि दोनों करीब दो वर्षों से संपर्क में थे। परिवार की सहमति नहीं होने के कारण दोनों बिना बताए घर से निकलकर बरहरवा पहुंचे थे और पश्चिम बंगाल जाने की तैयारी में थे।
फेसबुक संपर्क के बाद युवक से मिलने निकली किशोरी
बरहेट थाना क्षेत्र की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी भी बरहरवा स्टेशन पर मिली। पूछताछ में उसने बताया कि फेसबुक के माध्यम से करीब एक वर्ष से पटना निवासी एक युवक के संपर्क में थी। युवक से मिलने के लिए वह घर से निकलकर बरहरवा पहुंची थी। आरपीएफ ने उसे समय रहते सुरक्षित संरक्षण में ले लिया।
परिजनों से संपर्क के बाद संरक्षण व्यवस्था को सौंपे बच्चे
आरपीएफ ने सभी बच्चों के परिजनों से संपर्क कर आवश्यक सत्यापन कराया। इसके बाद नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करते हुए पांचों बच्चों को देखरेख एवं संरक्षण के लिए मंथन, बरहरवा की प्रतिनिधि आराधना मंडल और अंशु मालाकार को सौंप दिया गया।
आरपीएफ की अपील- बच्चों से संवाद रखें अभिभावक
आरपीएफ ने अभिभावकों से बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाये रखने और उनके मोबाइल व सोशल मीडिया इस्तेमाल पर उचित निगरानी रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की गतिविधियों पर समय रहते ध्यान देने और उनसे खुलकर बातचीत करने से उन्हें बहकावे में आने या असुरक्षित परिस्थितियों में पहुंचने से बचाया जा सकता है।
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