मालदा जिला परिषद चुनाव से पहले पाकुड़ के होटल में ठहरे 26 सदस्य
बंगाल पुलिस के पहुंचने पर विवाद, सदस्यों ने जबरन ले जाने के प्रयास का लगाया आरोप

रिपोर्ट : निशांत कुमार सानू,
पाकुड़ संवाददाता। पश्चिम बंगाल के मालदा जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से पहले सियासी गतिविधियां तेज हो गयी हैं। चुनाव से पहले मालदा जिला परिषद के 26 नवनिर्वाचित सदस्य पाकुड़ के एक होटल में ठहरे हुए हैं। शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पुलिस के होटल पहुंचने के बाद वहां अचानक विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गयी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिसकर्मियों और जिला परिषद सदस्यों के बीच बातचीत के दौरान तीखी बहस हुई। सदस्यों ने पुलिस पर उन्हें अपने साथ ले जाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। विरोध के दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। सूचना मिलने पर पाकुड़ पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। इसके बाद होटल के बाहर पुलिस बल की मौजूदगी बनी रही।
सदस्यों ने लगाया दबाव बनाने का आरोप
जिला परिषद सदस्य सागरिका सरकार ने आरोप लगाया कि 6 अक्टूबर को प्रस्तावित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को प्रभावित करने के लिए सदस्यों पर पुलिस के माध्यम से दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने महिला सदस्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया। सदस्यों का कहना है कि वे अपनी इच्छा से पाकुड़ आये हैं।
हालांकि, पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से होटल पहुंचने और सदस्यों को अपने साथ ले जाने के कथित प्रयास के संबंध में फिलहाल आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस की कार्रवाई के पीछे वास्तविक कारण स्पष्ट होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सकेगी।
मालदा जिला परिषद में टीएमसी के 34 सदस्य
मालदा जिला परिषद में कुल 43 सीटें हैं। चुनाव परिणाम में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने 34, कांग्रेस ने पांच और भाजपा ने चार सीटों पर जीत दर्ज की है। ऐसे में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से पहले 26 सदस्यों का एक साथ पाकुड़ में ठहरना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
6 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले मालदा के जिला परिषद सदस्यों के पाकुड़ पहुंचने और इसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस के होटल पहुंचने से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गयी है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।
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