जर्जर मकान गिराने को लेकर विवाद,दुकानदारों की आपत्ति से अटका ध्वस्तीकरण
pakud news

पाकुड़ संवाददाता ।शहर के सिंधी पाड़ा रोड और धुलियान रोड के तीन मुहान मार्ग पर स्थित एक अत्यंत जर्जर मकान के ध्वस्तीकरण और मालिकाना हक को लेकर स्थानीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भवन प्रमंडल और नगर परिषद द्वारा सुरक्षा का हवाला देते हुए मकान को गिराने की अनापत्ति जारी कर दी गई है, लेकिन मौके पर मौजूद दुकानदारों के विरोध के चलते पेंच फंस गया है। क्या है पूरा मामला.
प्रशासनिक दस्तावेजों का संदर्भ
प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार, यह रैयती भूमि और उस पर स्थित जर्जर भवन मनोहर प्रसाद भगत के वंशजों के नाम दर्ज है। भवन की अत्यंत जर्जर और खतरनाक स्थिति को देखते हुए रैयत के वंशजों ने इसे गिराने का निर्णय लिया है और इसके लिए रितेश कुमार यादव को बेच दी गई है। इसी आधार पर रितेश कुमार यादव द्वारा ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है।

नगर परिषद की अनुमति
कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल, पाकुड़ और अंचलाधिकारी पाकुड़ की संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर नगर परिषद ने खाता संख्या 145, दाग संख्या 2575 पर स्थित इस जर्जर भवन को गिराने की सशर्त अनुमति प्रदान की है।
दुकानदारों और पक्ष के बीच गतिरोध
भवन के एक हिस्से में पिछले लंबे समय से मंटू सरकार, जीतू स्वर्णकार, प्रदीप टेकरीवाल और सुनीता भगत सहित कई स्थानीय दुकानदार अपनी दुकानें चला रहे हैं। ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू होते ही इन दुकानदारों ने आपत्ति दर्ज कराई है, जिससे मौके पर असमंजस और खींचतान की स्थिति बनी हुई है। वही रैयतों द्वारा कहा गया कि लिखित तौर से देने के लिए तैयार है कि मकान का निर्माण हो जाने के बाद दुकानदारों को उन्हें रोजी-रोजगार के लिए दुकान खोलने की सुविधा प्रदान की जाएगी।
![]()





