
एजेंसी, पटना। बिहार में लगातार हो रही बारिश और नेपाल की नदियों से आ रहे पानी ने बाढ़ (Bihar Flood Update) की स्थिति को बेहद गंभीर बना दिया है। सोमवार को अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बिहार के 15 जिलों में लगभग 50 लाख लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में सितंबर माह में अब तक 112.7 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से छह प्रतिशत अधिक है।

मौजूदा हालात और नदियों का जलस्तर
पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया जिला बाढ़ की चपेट में है।
गंगा नदी भागलपुर के सुल्तानगंज में खतरे के निशान से 1.69 मीटर ऊपर (36.19 मीटर) बह रही है। इसके अलावा दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, कहलगांव और मुंगेर में भी गंगा खतरे के निशान को पार कर गई है।कोसी (बलतारा और कुर्सेला), बूढ़ी गंडक (खगड़िया), पुनपुन, बागमती और घाघरा नदियां भी लाल निशान से ऊपर हैं।
बराज से पानी का डिस्चार्ज
वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से 1,09,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है और जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं, बीरपुर के कोसी बैराज से 1,63,315 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है।
राहत और बचाव कार्य
दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 1,248 सामुदायिक रसोई और 13 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में लगभग 11,508 लोगों के ठहरने, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।बचाव अभियान के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 27 और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 10 टीमों को मोर्चे पर तैनात किया गया है।
बाढ़ पर सियासी आरोप-प्रत्यारोप
इस संकट के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर बिहार के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उन्होंने लिखा कि गुजरात में मामूली जलभराव होने पर भी उदारता से मदद दी जाती है, जबकि बिहार में 50 से अधिक लोगों की जान जाने, मवेशियों के बहने और हजारों करोड़ के नुकसान के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के लिए किसी भी तरह की राहत राशि की घोषणा नहीं की है।
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