साहिबगंज की कला को अयोध्या में मिला सम्मान,संजय भारतीया की Live Wire Art होगी प्रदर्शित
तांबे की तार से तैयार अनूठी कलाकृति का अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में हुआ चयन

कोटालपोखर संवाददाता। साहिबगंज के कलाकार संजय भारतीया ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा से जिले को एक नई पहचान दिलाई है। तांबे की बारीक तारों को आकार देकर तैयार की गई उनकी अनोखी *Live Wire Art* को अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में प्रदर्शित करने के लिए स्वीकार किया गया है। प्रतिष्ठित संग्रहालय में कलाकृति को जगह मिलने की खबर से उनके परिवार, मित्रों और कला प्रेमियों में खुशी है।
जानकारी के अनुसार अयोध्या में विकसित किया जा रहा अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा। इसे दिल्ली के प्रधानमंत्री संग्रहालय की तर्ज पर भव्य स्वरूप देने की योजना है। यहां भगवान श्रीराम से जुड़े इतिहास, संस्कृति, प्रसंगों और कलाकृतियों को अत्याधुनिक तकनीक के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा।

विशेषज्ञों की जांच के बाद मिली स्वीकृति
संजय भारतीया की कलाकृति को संग्रहालय में शामिल करने का निर्णय सीधे तौर पर नहीं लिया गया, बल्कि इसके लिए विशेषज्ञों की टीम ने विस्तृत परीक्षण और सर्वेक्षण किया। बताया गया कि राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के निर्देश पर राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद, कोलकाता के महानिदेशक की विशेष टीम ने कलाकृति का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान कलाकृति की तकनीक और उसकी विशेषताओं का अध्ययन करने के बाद विशेषज्ञों ने इसे संग्रहालय में प्रदर्शित करने के योग्य माना। इस स्वीकृति को संजय भारतीया के लंबे कला सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
आधुनिक तकनीक से दिखेगी रामकथा की झलक
अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय को दर्शकों के लिए अत्याधुनिक अनुभव देने की दिशा में विकसित किया जा रहा है। यहां होलोग्राम और 7D तकनीक समेत आधुनिक माध्यमों का उपयोग कर भगवान श्रीराम से जुड़े प्रसंगों और कलाकृतियों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत करने की योजना है।
ऐसे प्रतिष्ठित और आधुनिक संग्रहालय में साहिबगंज के कलाकार की तांबे की तार से निर्मित कलाकृति का चयन होना जिले के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।
पढ़ाई के दौरान शुरू हुआ कला का सफर
संजय भारतीया का जन्म वर्ष 1955 में साहिबगंज में हुआ। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा रेलवे उच्च विद्यालय, साहिबगंज से हासिल की। इसके बाद साहिबगंज महाविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई के साथ ही उन्होंने कला के क्षेत्र में प्रयोग करना शुरू किया।
साधारण उपकरणों और तांबे की तार के सहारे अलग-अलग आकृतियां तैयार करते-करते उन्होंने अपनी एक अलग कला शैली विकसित कर ली। निरंतर अभ्यास और प्रयोग के कारण उनकी यह कला धीरे-धीरे व्यापक स्तर पर पहचानी जाने लगी।
राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए किया आवेदन
संजय भारतीया ने अपनी विशिष्ट कलाकृति के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु भी आवेदन किया है। उनका मानना है कि राष्ट्रीय सम्मान मिलना उनके कला जीवन की बड़ी उपलब्धि होगी। अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में कलाकृति का चयन उनके अब तक के सफर में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
परिजनों और मित्रों ने दी बधाई
संजय भारतीया व्यवसायी सुनील भारतीया और वार्ड पार्षद सुशील भारतीया के बड़े भाई हैं। उनकी उपलब्धि पर पत्नी सुधा, कुणाल, निखिल, नम्रता, रुचि, ललित स्वदेशी, शिवकुमार शर्मा और अवधेश सिंह समेत परिवार के सदस्यों व शुभचिंतकों ने प्रसन्नता जताते हुए बधाई दी।
परिजनों ने उम्मीद जताई कि संजय भारतीया की अनूठी कला को अयोध्या के बाद देश और विदेश में भी पहचान मिलेगी और उनकी कलाकृति भारतीय कला की विशिष्टता को व्यापक मंच तक पहुंचाएगी।
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