लातेहार में नंदोत्सव की धूम: कृष्ण भक्ति में झूमे हजारों श्रद्धालु, 501 व्यंजनों का लगा भोग
Latehar News


लातेहार | संवाददाता“नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की…” जैसे भक्ति गीतों की मधुर धुन से पूरा लातेहार जिला मुख्यालय रविवार को भक्तिमय माहौल में सराबोर हो उठा। अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) द्वारा शहर के होटल ब्लिस में आयोजित भव्य नंदोत्सव कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को उत्साहपूर्वक मनाया।

कार्यक्रम की शुरुआत राधा-कृष्ण के मनोहारी भजनों के साथ हुई, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। जैसे-जैसे कीर्तन आगे बढ़ता गया, श्रद्धालु भक्ति रस में डूबते चले गए और पूरे परिसर में हरिनाम संकीर्तन गूंजता रहा।
इस अवसर पर श्रीराधा-कृष्ण का 21 पवित्र द्रव्यों से विशेष अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान को 501 प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया, जो श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत उदाहरण बना। कार्यक्रम में लगभग 3000 से अधिक भक्तों की उपस्थिति रही, जिनके बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।

नंदोत्सव का समापन भव्य आरती और संकीर्तन के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ आरती में भाग लिया और भजन-कीर्तन पर नृत्य कर अपनी भक्ति का भाव प्रकट किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इस्कॉन रांची के महाप्रबंधक मधुसूदन मुकुंद दास ने कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य का वास्तविक स्वरूप शरीर नहीं, बल्कि आत्मा है, और हर आत्मा का संबंध भगवान श्रीकृष्ण से है। भौतिक संसार में आकर मनुष्य इस सत्य को भूल जाता है, जिससे उसे दुखों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि व्यक्ति अपने मन और चित्त को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लगाता है, तो वह सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर सच्चे आनंद और शांति को प्राप्त कर सकता है।
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