108 एम्बुलेंस कर्मचारियों का चरणबद्ध आंदोलन शुरू, काला बिल्ला लगाकर जताया विरोध
Ranchi News

रांची, 14 सितंबर 2026
झारखण्ड में 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी है। आंदोलन के पहले दिन कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करते हुए सरकार के प्रति शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया।
झारखण्ड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर राज्य के सभी जिलों में कार्यरत कर्मचारियों ने इस प्रतीकात्मक विरोध में हिस्सा लिया। संघ का कहना है कि वर्षों से कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं, जिन पर सरकार और संबंधित एजेंसियों द्वारा अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

संघ द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अभियान निदेशक के पत्रांक 2499 (MD), दिनांक 06.08.2026 के निर्देशों के अनुसार 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सरकारी व्यवस्था के तहत लागू करना शामिल है। इसके साथ ही सम्मान फाउंडेशन द्वारा सेवा से हटाए गए कर्मचारियों की पुनर्बहाली, तथा कर्मचारियों को EPF, ESI, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन जैसे सभी वैधानिक लाभ सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई है।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 14 से 19 सितंबर तक सभी कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर कार्य करेंगे। इसके बाद 19 सितंबर को जिला स्तर पर सिविल सर्जन कार्यालय से उपायुक्त कार्यालय तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
आंदोलन के अगले चरण में 21 सितंबर को सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष भिक्षाटन कार्यक्रम, 23 सितंबर को धरना-प्रदर्शन, और 25 सितंबर को राज्यव्यापी एक दिवसीय पूर्ण हड़ताल करते हुए रांची स्थित NHM कार्यालय (नामकुम) के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ ने आगे चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है तो 28 सितंबर से राज्यभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी, जो चरणबद्ध तरीके से व्यापक रूप ले सकती है।
कर्मचारियों ने कहा कि वे राज्य की स्वास्थ्य आपातकालीन सेवाओं की रीढ़ हैं, लेकिन लंबे समय से उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। इसी कारण अब उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
संघ ने राज्य सरकार से अपील की है कि वह मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान करे, ताकि आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े।
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