जर्जर भवन में चल रहा तालझारी पशु चिकित्सालय,बारिश में छत से टपक रहा पानी
छत का प्लास्टर टूटकर गिरने से हादसे का खतरा, दवा स्टोर में पानी घुसने से दवाओं के खराब होने की आशंका

कोटालपोखर संवाददाता/तालझारी। तालझारी प्रखंड परिसर स्थित पशु चिकित्सालय केंद्र इन दिनों खुद ही इलाज का मोहताज नजर आ रहा है। बीती रात से हो रही बारिश के बाद चिकित्सालय भवन की जर्जर हालत और अधिक सामने आ गई है। छत से जगह-जगह पानी टपक रहा है, जबकि छत का प्लास्टर टूटकर गिरने से सरिये तक दिखाई देने लगे हैं। इससे चिकित्सालय में कार्यरत कर्मियों के साथ इलाज के लिए पहुंचने वाले पशुपालकों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
बारिश के दौरान भवन के अंदर कई स्थानों पर पानी रिसने लगता है। सबसे अधिक परेशानी दवा स्टोर रूम में हो रही है। छत से पानी टपकने के कारण वहां रखी पशुओं की दवाओं के भींगने और खराब होने का खतरा बना हुआ है। कर्मियों को दवा निकालने और अन्य कार्य करने के दौरान भी छत से प्लास्टर गिरने का डर सताता रहता है।

दवा स्टोर रूम में जाने से भी डरते हैं कर्मी
पशु चिकित्सालय का भवन काफी पुराना हो चुका है और लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण इसकी स्थिति जर्जर हो गई है। छत का प्लास्टर आए दिन टूटकर गिरता रहता है। बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है।
कर्मियों के अनुसार, दवा स्टोर रूम की छत से पानी रिसने के कारण वहां रखी कुछ दवाएं भीग गई हैं। ऐसे में दवाओं के खराब होने की आशंका बनी हुई है। कर्मियों को दवा निकालने के दौरान भी छत से प्लास्टर गिरने का डर रहता है।
रोज 20 से 25 पशुपालक पहुंचते हैं चिकित्सालय
मौसम में बदलाव के कारण इन दिनों पशुओं में विभिन्न प्रकार की बीमारियों की शिकायतें बढ़ रही हैं। इसके चलते प्रतिदिन करीब 20 से 25 पशुपालक अपने पशुओं के इलाज, दवा और चिकित्सकीय सलाह के लिए पशु चिकित्सालय पहुंच रहे हैं।
हालांकि, जर्जर भवन के कारण चिकित्सालय में काम करना और पशुपालकों को सुविधाएं उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है। कर्मियों का कहना है कि भवन की स्थिति को देखते हुए कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
अधिकारियों को पहले भी दी जा चुकी है सूचना
पशु चिकित्सालय केंद्र में कार्यरत कर्मी अशोक पोद्दार ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी पूर्व के चिकित्सा प्रभारी पदाधिकारी के माध्यम से बीडीओ सहित जिले के वरीय अधिकारियों को दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पूर्व उपायुक्त ने भी जर्जर पशु चिकित्सालय भवन का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिया था। इसके बावजूद अब तक भवन की मरम्मत को लेकर ठोस पहल नहीं हो सकी है।
तालझारी में हैं दो पशु चिकित्सालय केंद्र
जानकारी के अनुसार, तालझारी प्रखंड में दो पशु चिकित्सालय केंद्र संचालित हैं। इनमें एक महाराजपुर स्थित कल्याणी पंचायत भवन के समीप और दूसरा प्रखंड परिसर में है। प्रखंड परिसर स्थित पशु चिकित्सालय में वर्तमान में करीब तीन से चार कर्मी कार्यरत हैं। इनमें एक चतुर्थवर्गीय कर्मचारी, एक रात्रि प्रहरी और एक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी शामिल हैं।
बारिश में बढ़ जाती है परेशानी
अशोक पोद्दार ने बताया कि पशु चिकित्सालय केंद्र की छत और प्लास्टर काफी जर्जर हो चुके हैं। छत से प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने के कारण परेशानी और बढ़ जाती है।
कर्मियों और पशुपालकों ने संबंधित अधिकारियों से जर्जर भवन की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि भवन की मरम्मत होने से चिकित्सालय में सुरक्षित माहौल में पशुओं का इलाज और दवा वितरण का कार्य सुचारू रूप से किया जा सकेगा।
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