साहिबगंज सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण,दवा स्टॉक और गंदगी पर परियोजना निदेशक ने जताई नाराजगी
बाथरूम में गंदगी, कई बेड पर मिली गंदी चादर

कोटालपोखर संवाददाता/साहिबगंज। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर परियोजना निदेशक आईटीडीए संजय कुमार दास ने बुधवार शाम सात बजे सदर अस्पताल, साहिबगंज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, मरीजों को मिल रही चिकित्सा सेवाओं, स्वच्छता व्यवस्था और अस्पताल की कार्यप्रणाली का जायजा लिया।
वार्ड से दवा केंद्र तक लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान परियोजना निदेशक ने विभिन्न वार्ड, ओपीडी, आपातकालीन सेवा, दवा वितरण केंद्र और जांच केंद्र समेत अन्य चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से उपलब्ध सेवाओं की जानकारी ली। साथ ही मरीजों और उनके परिजनों से इलाज, दवा, जांच और अन्य सुविधाओं को लेकर फीडबैक भी लिया।
एक माह से दवा स्टॉक अपडेट नहीं होने पर नाराजगी
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पिछले एक माह से दवा स्टॉक का समुचित मेंटेनेंस नहीं किया जा रहा था। इस पर परियोजना निदेशक ने नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मियों को दवा स्टॉक रजिस्टर तत्काल अपडेट करने का निर्देश दिया। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता और वितरण का नियमित रिकॉर्ड रखने को भी कहा।
परियोजना निदेशक ने स्पष्ट किया कि मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाथरूम में गंदगी, कई बेड पर मिली गंदी चादर
अस्पताल के बाथरूम में गंदगी पायी गयी। कुछ वार्डों में भी साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं थी। कई बेड पर गंदी बेडशीट मिली, जबकि कुछ बेड पर बेडशीट उपलब्ध नहीं थी।
इस पर परियोजना निदेशक ने संबंधित कर्मियों को कड़ी चेतावनी देते हुए बाथरूम और सभी वार्डों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने चिकित्सा पदाधिकारी को प्रत्येक मरीज के बेड पर प्रतिदिन साफ बेडशीट उपलब्ध कराने और जरूरत के अनुसार उसे बदलने का निर्देश दिया।
चिकित्सकीय उपकरणों की ली जानकारी
परियोजना निदेशक ने हाल में खरीदे गये विभिन्न चिकित्सकीय उपकरणों की उपलब्धता और उपयोग की स्थिति की भी जानकारी ली। कुछ उपकरणों के इस्तेमाल में आ रही समस्याओं की जानकारी मिलने पर उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को उपकरणों की समीक्षा करने और तकनीकी समस्याओं का जल्द समाधान कराने का निर्देश दिया।
स्त्री रोग विशेषज्ञ का ड्यूटी रोस्टर प्रदर्शित करने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान कुछ मरीजों और परिजनों ने स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की ड्यूटी और उपलब्धता को लेकर फीडबैक दिया। इस पर परियोजना निदेशक ने संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी को स्त्री रोग विशेषज्ञ का ड्यूटी रोस्टर प्रतिदिन अस्पताल के सूचना पट पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्धारित ड्यूटी अवधि में अस्पताल में उपस्थित रहकर मरीजों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने को कहा।
लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी
परियोजना निदेशक ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं आमजनों से सीधे जुड़ी हैं और सरकारी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। मरीजों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार के साथ उन्हें आवश्यक दवा, जांच और उपचार समय पर मिलना चाहिए।
उन्होंने अस्पताल की स्वच्छता, दवा स्टॉक, बेडशीट, चिकित्सकों की ड्यूटी, उपकरणों की कार्यशीलता और मरीजों को मिल रही सेवाओं की नियमित निगरानी पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सक डॉ. मुकेश कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।
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