कोटालपोखर। शनिवार की दोपहर उपायुक्त हेमंत सती एवं डीएफओ प्रबल गर्ग ने तालझारी वन कार्यालय पहुंचकर भारी मात्रा में पकड़े गए जीवित कछुओं एवं भालू का जायजा लिया। अधिकारियों ने वन विभाग की टीम से पूरे मामले की जानकारी ली और आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएफओ प्रबल गर्ग ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता के कारण यह बड़ी कार्रवाई संभव हो सकी। उत्तर प्रदेश के बनारस से तस्करों द्वारा ट्रेन के माध्यम से बैग में भरकर जीवित कछुओं को पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था। बरहरवा आरपीएफ ने ट्रेन की सीट के नीचे रखे गए 22 भरे हुए बैगों से कुल 622 जीवित कछुओं को रेस्क्यू कर जब्त किया। रेलवे पुलिस की प्रारंभिक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी कछुओं को वन विभाग को सौंप दिया गया है, जिस पर विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है।
वन क्षेत्र पदाधिकारी सह रेंजर पंचम दुबे ने बताया कि सुरक्षित पकड़े गए सभी जीवित कछुओं को तालझारी वन कार्यालय लाया गया है। वन अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद सभी कछुओं को सुरक्षित रूप से गंगा नदी में छोड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पकड़े गए सभी अभियुक्तों से पूछताछ कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा तथा उन्हें जेल भेजा जाएगा।
वन क्षेत्र पदाधिकारी पंचम दुबे ने कहा कि वन्यजीवों की अवैध तस्करी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस दौरान वन रक्षी पप्पू कुमार यादव, सन्नी रजक, राजेश टुडू सहित अन्य वनकर्मी उपस्थित थे।