एंबुलेंस चालक के समर्थन में उतरे चिकित्सक,निष्पक्ष जांच होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा
तबारक अंसारी की बहाली और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग, विरोध से मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका

मनिका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस चालक की सेवा समाप्ति पर बवाल, चिकित्सकों का अनिश्चितकालीन धरना
लातेहार/मनिका। मनिका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अनुबंधित एंबुलेंस चालक तबारक अंसारी की सेवा समाप्त किए जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना दे रहे स्वास्थ्य कर्मियों ने सेवा समाप्ति की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और चालक को बहाल करने की मांग की है।
एक वीडियो के आधार पर कार्रवाई का आरोप
चिकित्सक डॉ. उमेश कुमार और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि किसी एक वीडियो के आधार पर कार्रवाई करने से पहले पूरे मामले की जांच की जानी चाहिए थी। उनका दावा है कि घटना से संबंधित करीब 20 मिनट का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है, जिससे विवाद के दौरान हुई घटनाओं की पूरी जानकारी मिल सकती है।

स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार, इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो के आधार पर तबारक अंसारी की सेवा समाप्त कर दी गई। उनका कहना है कि कार्रवाई से पहले चालक को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए था। उन्होंने उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सभी पक्षों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है।
चिकित्सक से अभद्रता के बाद विवाद बढ़ने का दावा
धरना दे रहे चिकित्सकों के अनुसार, घटना के दौरान मरीज के परिजन की ओर से पहले चिकित्सक के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद एंबुलेंस चालक तबारक अंसारी की ओर से भी गाली-गलौज किए जाने का दावा किया गया है। चिकित्सकों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के बाद ही उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।
डॉ. उमेश कुमार ने कहा कि जब तक तबारक अंसारी की बहाली नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। हालांकि, धरने के दौरान मरीजों को किस तरह की स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रखना विभाग के लिए चुनौती
चिकित्सकों ने स्वास्थ्य केंद्र में पहले हुई धक्का-मुक्की की घटना का भी उल्लेख करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है। इस विवाद के कारण स्वास्थ्य विभाग के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है। एक ओर सेवा समाप्ति के मामले की निष्पक्ष जांच और स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों पर विचार करने की जरूरत है, तो दूसरी ओर मरीजों को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग मामले को सुलझाने, धरना समाप्त कराने और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रखने के लिए क्या कदम उठाता है। धरना-प्रदर्शन में कई स्वास्थ्य कर्मी शामिल रहे।
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