तीनपहाड़ के सुमन मंडल की मौत,अहमदाबाद हादसे में हुए थे घायल
20 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद युवक ने तोड़ा दम,तीनपहाड़ के डांगापाड़ा गांव में पसरा मातम

तीनपहाड़ संवाददाता | सोनू कुमार,
तीनपहाड़। बेटे को बचाने की उम्मीद लेकर पिता एंबुलेंस से घर लौट रहे थे। मन में आस थी कि अपनों के बीच पहुंचकर उसके इलाज की आगे की व्यवस्था की जाएगी, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही सारी उम्मीदें टूट गईं। गुजरात के अहमदाबाद में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल तीनपहाड़ थाना क्षेत्र की बभनगामा पंचायत अंतर्गत डांगापाड़ा निवासी सुमन मंडल (25) की 20 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद रास्ते में ही मौत हो गई। शुक्रवार, 23 अक्टूबर की सुबह उसने अंतिम सांस ली। जवान बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं गांव में शोक की लहर है।
3 अक्टूबर को हुआ था सड़क हादसा
परिजनों के अनुसार, सुमन मंडल अहमदाबाद स्थित किटेन एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में करीब पांच वर्षों से मजदूरी कर रहा था। इसी साल मार्च में होली के बाद वह काम के लिए गुजरात गया था। बताया जाता है कि 3 अक्टूबर को कंपनी की ओर से उपलब्ध कराई गई बाइक से काम पर जाते समय वह सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसे अहमदाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां करीब 20 दिनों तक उसका इलाज चला।

परिजनों को उम्मीद थी कि उपचार के बाद सुमन स्वस्थ होकर घर लौट आएगा, लेकिन उसकी गंभीर हालत ने परिवार की चिंता बढ़ा दी।
इलाज का खर्च बढ़ा तो पिता पहुंचे अहमदाबाद
सुमन की हालत बिगड़ने की जानकारी मिलने पर उसके पिता कार्तिक मंडल 17 अक्टूबर को अहमदाबाद पहुंचे। परिजनों के मुताबिक, परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और इलाज पर अधिक खर्च आ रहा था। डॉक्टरों से बातचीत के दौरान सुमन की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई।
इसके बाद 21 अक्टूबर को पिता कार्तिक मंडल और भाई बबलू मंडल एंबुलेंस से सुमन को लेकर घर के लिए रवाना हुए। परिवार को उम्मीद थी कि घर पहुंचने के बाद आगे के इलाज की व्यवस्था की जा सकेगी। लेकिन 23 अक्टूबर की सुबह मंजिल तक पहुंचने से पहले ही सुमन की सांसें थम गईं। बेटे को बचाने की उम्मीद लेकर निकले पिता को उसे खोने का गहरा सदमा लगा।
रोजी-रोटी के लिए गया था गुजरात, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
भाई बबलू मंडल के अनुसार, सुमन कई वर्षों से अहमदाबाद में मजदूरी कर परिवार की आर्थिक मदद कर रहा था। परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि रोजी-रोटी की तलाश में घर से दूर गया सुमन इस तरह वापस लौटेगा। उसकी मौत की खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। जवान बेटे को खोने से परिजन बदहवास हैं और पूरे डांगापाड़ा गांव में मातम पसरा हुआ है।
महज 25 वर्ष की उम्र में सुमन की मौत ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। जिस बेटे से परिवार को भविष्य की उम्मीदें थीं, उसकी असमय मौत से सभी टूट गए हैं।
सूचना पर पहुंची पुलिस,शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर तीनपहाड़ थाना के एसआई महेंद्र कुमार और एएसआई ललन रजवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों से घटना की जानकारी ली और आगे की कार्रवाई शुरू की।
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