बरहरवा में पूजा समितियों को सख्त हिदायत, फायर एक्सटिंग्विशर से लेकर बिजली के तारों तक की सुरक्षा पर जोर
Pakud News

बरहरवा।: दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच अग्नि सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गयी है। आगजनी की आशंका को देखते हुए शनिवार की शाम राजमहल के फायर ऑफिसर सुमंत सिंह चौहान ने बरहरवा नगर पंचायत क्षेत्र के विभिन्न पूजा पंडालों का निरीक्षण किया। छाता डंगाल, कुशवाहा टोला और बिंदुधाम मंदिर सहित अन्य पंडालों में पहुंचकर उन्होंने अग्नि सुरक्षा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पूजा समितियों को जरूरी एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया।
आग से बचाव के इंतजाम दुरुस्त रखने की हिदायत
निरीक्षण के दौरान फायर ऑफिसर ने पूजा समिति के सदस्यों को स्पष्ट रूप से आग से बचाव के उपायों को गंभीरता से लेने की सलाह दी। उन्होंने पंडालों में फायर एक्सटिंग्विशर, पानी और बालू से भरी बाल्टियां तथा प्राथमिक उपचार किट रखने पर जोर दिया। साथ ही आपात स्थिति में अग्निशमन उपकरणों के सही इस्तेमाल की जानकारी भी दी, ताकि आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर ही उस पर काबू पाने का प्रयास किया जा सके।

बिजली की छोटी चूक बन सकती है बड़े हादसे की वजह
पंडालों में अस्थायी बिजली कनेक्शन और सजावटी लाइटों के कारण संभावित जोखिम को देखते हुए फायर ऑफिसर ने बिजली के तारों, स्विच बोर्ड और विद्युत उपकरणों की नियमित जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने खुले या क्षतिग्रस्त तारों का इस्तेमाल नहीं करने और ज्वलनशील सामग्री को आग के स्रोत से दूर रखने की सलाह दी।
उन्होंने पंडालों के प्रवेश और निकास द्वार खुले रखने तथा आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
भीड़ के बीच सुरक्षा से समझौता नहीं
फायर ऑफिसर सुमंत सिंह चौहान ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में छोटी-सी चूक भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। उन्होंने पूजा समितियों से अग्नि सुरक्षा के सभी जरूरी उपाय अपनाने और आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की अपील की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और पूजा आयोजन के दौरान अग्नि सुरक्षा संबंधी सावधानियों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
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