कस्तूरबा विद्यालय पतना में अनियमितताओं पर बड़ा एक्शन,वार्डन समेत तीन की संविदा रद्द
मारपीट, मीनू से हटकर भोजन और नामांकन में पैसे लेने के आरोपों की जांच के बाद कार्रवाई; एमआरपी से दोगुने दाम पर सामान बेचने का मामला भी सामने आया

पतना संवाददाता। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, पतना में छात्राओं की सुरक्षा और विद्यालय की व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों की जांच के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। जांच और औचक निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी नयन कुमार ने विद्यालय की वार्डन प्रिया सरिता हासंदा, रसोईया सरीता कुमारी और गार्ड सरवन पंडित की संविदा रद्द कर दी। तीनों को सेवा से मुक्त कर दिया गया है।

शिकायतों के बाद जांच में सामने आयीं अनियमितताएं
विद्यालय में छात्राओं को निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन नहीं मिलने और भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आयी थीं। इसके अलावा छात्राओं के साथ कथित मारपीट का मामला भी शिकायत में शामिल था। इन शिकायतों के बाद विभाग की ओर से मामले की जांच करायी गयी और विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया।
परिसर में दुकान और एमआरपी से अधिक कीमत पर सामान बेचने का मामला
औचक निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में एक छोटी दुकान संचालित होने की जानकारी सामने आयी। आरोप है कि दुकान में छात्राओं को खाद्य सामग्री और अन्य सामान एमआरपी से करीब दोगुनी कीमत पर बेचा जा रहा था। आवासीय विद्यालय परिसर में इस तरह की व्यवस्था को लेकर भी जांच टीम ने आपत्ति जतायी।
नामांकन के दौरान पैसे लेने की शिकायत
विद्यालय में नामांकन के दौरान पैसे लिये जाने का आरोप भी जांच के दायरे में आया। एक छात्रा ने उपायुक्त, साहिबगंज को शिकायत देकर वार्डन पर कथित मारपीट करने और नामांकन के दौरान पैसे लेने का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच करायी।
जांच के आधार पर तीन कर्मियों पर कार्रवाई
जांच और औचक निरीक्षण में सामने आये मामलों के आधार पर शिक्षा विभाग ने वार्डन, रसोईया और गार्ड की संविदा समाप्त कर उन्हें सेवा से मुक्त कर दिया। विभागीय कार्रवाई के बाद विद्यालय की व्यवस्था और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर निगरानी और सख्त किये जाने की संभावना है। इस मामले को लेकर पूर्व में भी शिकायतें और खबरें सामने आयी थीं।
डीईओ ने कहा, अनियमितताओं के आधार पर हुई कार्रवाई
जिला शिक्षा पदाधिकारी नयन कुमार ने बताया कि विद्यालय के निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आयी थीं। जांच के आधार पर वार्डन, रसोईया और गार्ड की संविदा रद्द कर उन्हें सेवा से मुक्त कर दिया गया है।
![]()





