
जमशेदपुर : वर्तमान भागदौड़ भरे जीवन में तनाव, चिंता, नकारात्मक विचारों और कर्मों की उलझनों से मुक्त होकर सुख, शांति एवं संतुलित जीवन की ओर बढ़ने का संदेश देने के उद्देश्य से “ ऊंची उड़ान – तनावमुक्त जीवन से परिपूर्ण जीवन की ओर ” विषय पर दो दिवसीय आध्यात्मिक एवं प्रेरणात्मक शिविर का भव्य आयोजन ब्रह्माकुमारीज यूनिवर्सल पीस पैलेस, मरीन ड्राइव, सोनारी, जमशेदपुर के तत्वावधान में लोयोला स्कूल के विशाल ऑडिटोरियम में सफलतापूर्वक किया गया।
माउंट आबू स्थित ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय से पधारे तीन वरिष्ठ एवं अनुभवी आध्यात्मिक वक्ताओं के सान्निध्य में आयोजित इस शिविर में हजारों भाई-बहनों ने सहभागिता कर आध्यात्मिक ज्ञान, राजयोग ध्यान एवं जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाली प्रेरणाओं का लाभ लिया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण माउंट आबू मुख्यालय से पधारे राजयोगी ब्रह्माकुमार सूरज भाई जी, राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी गीता दीदी एवं राजयोगी ब्रह्माकुमार रोहित भाई जी का सान्निध्य रहा। तीनों ही महान आत्माएं माउंट आबू स्थित ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय में पूर्ण रूप से समर्पित जीवन जीते हुए अपना प्रत्येक श्वास परमात्म-कार्य में समर्पित कर रही हैं।

राजयोगी ब्रह्माकुमार सूरज भाई जी पिछले 60 से अधिक वर्षों से ध्यान एवं आध्यात्मिक ज्ञान की गहन साधना में संलग्न हैं। उन्होंने भारत के लगभग सभी क्षेत्रों के साथ-साथ यूरोप सहित विश्व के अनेक देशों में जाकर आध्यात्मिक ज्ञान एवं राजयोग का संदेश पहुंचाया है तथा लाखों आत्माओं को आध्यात्मिक जीवन की ओर प्रेरित किया है।
आध्यात्मिक क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें राष्ट्र पुरस्कार एवं चाणक्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वे एक प्रभावशाली वक्ता होने के साथ-साथ आध्यात्मिक विषयों पर अनेक पुस्तकों के लेखक भी हैं। जमशेदपुर की पावन धरती पर उनका यह दूसरी बार आगमन रहा।
कार्यक्रम में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी गीता दीदी की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। लगभग 40 वर्षों की गहन तपस्या एवं आध्यात्मिक साधना से समृद्ध गीता दीदी एक अनुभवी वक्ता एवं लेखिका हैं। उन्होंने देश-विदेश में राजयोग एवं आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से अनेक लोगों को जीवन की समस्याओं से ऊपर उठकर आत्मिक शक्ति, शांति एवं सकारात्मकता का अनुभव करने के लिए प्रेरित किया है।

वहीं राजयोगी ब्रह्माकुमार रोहित भाई जी पिछले लगभग 35 वर्षों से देश-विदेश में आध्यात्मिक ज्ञान एवं राजयोग का प्रकाश फैलाने में समर्पित हैं। तीनों भाई-बहनों का जीवन सेवा, साधना एवं परमात्म-कार्य को समर्पित है और उनका उद्देश्य मानव जीवन में आंतरिक शांति, सकारात्मक सोच एवं श्रेष्ठ कर्मों की शक्ति को जागृत करना है।
शिविर के दौरान ब्रह्माकुमार सूरज भाई जी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा, “अध्यात्म पथ ही वर्तमान जीवन की सभी समस्याओं के समाधान का मार्ग है। अध्यात्म हमारे अंदर ही समाहित है, आवश्यकता केवल उसे समझकर निखारने की है। कर्म और अकर्म का ज्ञान आज समय की पुकार है। सत्य कर्म ही मनुष्य को सच्चा सुख और शांति प्रदान करते हैं।” उन्होंने कहा कि हमारे विचार ही हमारे कर्मों का आधार बनते हैं और श्रेष्ठ विचारों एवं श्रेष्ठ कर्मों के माध्यम से जीवन को तनावमुक्त, संतुलित एवं आनंदमय बनाया जा सकता है।
दो दिनों तक चले इस विशेष शिविर में कर्म, विचार, जीवन, तनावमुक्ति, सकारात्मक सोच, आत्मिक शक्ति एवं राजयोग ध्यान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रेरणादायी एवं आध्यात्मिक सत्र आयोजित किए गए। हजारों भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने आध्यात्मिक जीवन को नई ऊंचाई देने का अनुभव किया। कार्यक्रम में आने वाले प्रतिभागियों के लिए नाश्ते एवं दोपहर के भोजन की भी व्यवस्था की गई थी।
कार्यक्रम की संचालिका एवं कोल्हान ब्रह्माकुमारीज की निदेशिका ब्रह्माकुमारी अंजू दीदी ने कहा कि ऐसे महान, अनुभवी एवं तपस्वी आत्माओं का सान्निध्य प्राप्त होना स्वयं में अत्यंत सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर व्यक्ति को अपने जीवन के प्रति नई दृष्टि प्रदान करते हैं और श्रेष्ठ विचारों एवं श्रेष्ठ कर्मों के माध्यम से जीवन में वास्तविक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर ब्रह्माकुमार सूरज भाई जी एवं ब्रह्माकुमारी गीता दीदी ने उपस्थित सभी भाई-बहनों को प्रसाद वितरित किया। दो दिवसीय “ऊंची उड़ान” शिविर ने उपस्थित जनसमुदाय को तनावमुक्त, सकारात्मक, आध्यात्मिक एवं संतुलित जीवन की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
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