
पाकुड़। शहर स्थित एलीट पब्लिक स्कूल में सोमवार को नशे के खिलाफ एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें स्वस्थ, अनुशासित और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

विद्यार्थियों को बताए गए नशे के गंभीर दुष्परिणाम
अभियान के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही यह भी समझाया गया कि किस प्रकार साथियों का दबाव (Peer Pressure) युवाओं को गलत दिशा में ले जा सकता है और इससे कैसे बचा जाए।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सही निर्णय लेने, आत्मनियंत्रण रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर समय पर सहायता लेने के तरीकों पर भी मार्गदर्शन दिया गया। छात्रों से यह अपील की गई कि वे अपने मित्रों और आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें।
रैली और गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता
अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने भाषण, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और विचार-विमर्श जैसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर निकाली गई जागरूकता रैली में “नशे को ना, जिंदगी को हां” जैसे प्रेरणादायक नारे पूरे क्षेत्र में गूंजते रहे।
रैली के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नशा किसी भी रूप में जीवन का हिस्सा नहीं होना चाहिए और युवाओं को शिक्षा, खेल तथा रचनात्मक गतिविधियों की ओर अग्रसर होना चाहिए।
युवा ही देश का भविष्य: निदेशक
विद्यालय के निदेशक अरविंद साह ने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी संपत्ति है। यदि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहकर शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक सोच को अपनाती है, तो देश का भविष्य और अधिक मजबूत बन सकता है।
समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर
सह-निदेशक अनुपम आनंद ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल किसी एक संस्था का कार्य नहीं है, बल्कि इसमें परिवार, विद्यालय और समाज—तीनों की समान भूमिका आवश्यक है।
वहीं प्राचार्य अभिजीत रॉय ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे, इसलिए उन्हें अभी से सही दिशा देना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि पूरे समाज की प्रगति पर भी नकारात्मक असर डालता है।
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