पाकुड़ में विहिप स्थापना दिवस मनाया गया, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान
शहरकोल कार्यालय में कार्यक्रम, मनोज पोद्दार बोले—नई पीढ़ी को संस्कार और परंपराओं से जोड़ना जरूरी

**पाकुड़ संवाददाता:** पाकुड़ जिला मुख्यालय के शहरकोल स्थित विश्व हिंदू परिषद (विहिप) कार्यालय में रविवार को स्थापना दिवस के अवसर पर एक सादगीपूर्ण लेकिन प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई,
जिसमें विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विहिप के प्रांत सह मंत्री मनोज पोद्दार ने समाज में एकता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में धर्मांतरण, गौ संरक्षण, मठ-मंदिरों की सुरक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों को बचाए रखना बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।

ऐसे में हर व्यक्ति को जागरूक होकर अपनी परंपराओं की रक्षा के लिए आगे आना होगा। उन्होंने बताया कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना वर्ष 1964 में मुंबई के सांदीपनि आश्रम में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन हुई थी। संगठन ‘धर्मो रक्षति रक्षिता:’ के सिद्धांत पर चलते हुए विश्वभर के हिंदुओं को एक मंच पर लाने और उनकी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का कार्य करता रहा है।
उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे संघर्ष और बलिदानों के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर निर्माण संभव हो सका। अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं को विशेष रूप से संस्कारवान बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव से नई पीढ़ी अपनी जड़ों से दूर हो रही है, जिसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने और धर्म तथा आत्मरक्षा के मूल्यों को अपनाने की बात कही। कार्यक्रम में गौ संरक्षण, गंगा की स्वच्छता, धार्मिक ग्रंथों के प्रचार और तुलसी जैसे पारंपरिक प्रतीकों को घर-घर तक पहुंचाने का संदेश भी दिया गया।
साथ ही समाज सेवा और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। जिला मंत्री विशाल भगत ने जानकारी दी कि जन्माष्टमी के अवसर पर 4 सितंबर से 13 सितंबर तक जिले के विभिन्न गांवों में स्थापना दिवस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहरकोल स्थित मुख्य कार्यक्रम के साथ इस आयोजन का समापन हुआ।
इस अवसर पर इस्कॉन मंदिर के संत दामोदर दास जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रतिनिधि, विहिप एवं अन्य संगठनों के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली।
![]()




