90 साल की उम्र में भी छत का इंतजार: गंदे पानी को मजबूर रामदास माली ने उठाए विकास पर सवाल
लहलहे पंचायत में आवास और स्वच्छ पेयजल की समस्या उजागर, ग्रामीणों ने पंचायत व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल


अनुज तिवारी की रिपोर्ट,
लहलहे पंचायत से एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया है, जहां करीब 90 वर्ष के बुजुर्ग रामदास माली आज भी सरकारी आवास और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
रामदास माली का कहना है कि उनकी उम्र लगभग 90 वर्ष हो चुकी है, लेकिन आज तक उन्हें सरकार की आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत में जिन लोगों के पास पैसे और पहुंच है, वे कथित रूप से घूस देकर योजनाओं का लाभ ले लेते हैं, जबकि असली जरूरतमंद लोग वर्षों तक इंतजार करते रह जाते हैं।
उन्होंने बताया कि उनके मुहल्ले में आज तक किसी भी मुखिया के कार्यकाल में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुआ है। स्थिति यह है कि आज भी लोग गंदे कुएं के पानी पर निर्भर हैं। स्वच्छ पेयजल की सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर भी खतरा बना हुआ है।
रामदास माली ने पंचायत स्तर पर पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि आवास योजना का लाभ वास्तविक गरीब और जरूरतमंद लोगों को मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रशासन से भी अपील की कि पेयजल जैसी बुनियादी समस्या का जल्द समाधान किया जाए।
यह मामला केवल एक व्यक्ति की परेशानी नहीं, बल्कि पूरे मुहल्ले की स्थिति को उजागर करता है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं।
अब सवाल यह उठता है कि पंचायत और संबंधित प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब तक संज्ञान लेते हैं और रामदास माली जैसे जरूरतमंदों को उनका हक कब तक मिल पाता है।
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