स्थानीय समाचार

गणतंत्र दिवस पर गूंजेगी ‘विरासत’ की बात

Views: 86
0 0
Read Time:4 Minute, 30 Second
गणतंत्र दिवस पर गूंजेगी ‘विरासत’ की बात

26 जनवरी 2026 को हर पंचायत में होगी ‘मेरा गाँव मेरी धरोहर’ पर विशेष ग्राम सभा

संस्कृति मंत्रालय एवं पंचायती राज मंत्रालय की संयुक्त पहल
ग्रामीण करेंगे सांस्कृतिक धरोहरों का सत्यापन व चर्चा

पाकुड़।
26 जनवरी 2026, गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर देशभर की ग्राम पंचायतों में लोकतंत्र का उत्सव एक नए और सार्थक स्वरूप में मनाया जाएगा। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय एवं पंचायती राज मंत्रालय के संयुक्त निर्देश पर सभी ग्राम पंचायतों में ‘मेरा गाँव मेरी धरोहर’ विषय पर एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा।

इस विशेष ग्राम सभा का मुख्य उद्देश्य गाँवों की छिपी हुई सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं एवं ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित कर उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना है।

ग्राम सभा में इन चार प्रमुख बिंदुओं पर होगी चर्चा

यह ग्राम सभा केवल औपचारिक बैठक तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गाँव की पहचान और गौरव को लेकर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, एजेंडा में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं—

  1. विरासत का संरक्षण:
    गाँव की सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने एवं उसके संवर्धन के उपायों पर चर्चा की जाएगी, ताकि भविष्य की पीढ़ियाँ अपनी जड़ों से जुड़ी रहें।
  2. प्रतिभाओं की पहचान:
    गाँव के उन विशिष्ट व्यक्तियों, लोक कलाकारों एवं हस्तशिल्पियों की पहचान की जाएगी, जिन्होंने गाँव की पहचान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
  3. संस्कृति का दस्तावेजीकरण:
    ग्राम सभा में पारंपरिक कलाओं, स्थानीय खान-पान (Cuisine), विशिष्ट आभूषणों, लोक परंपराओं एवं ऐतिहासिक स्थलों पर चर्चा कर उनका दस्तावेजीकरण किया जाएगा।
  4. डाटा का सत्यापन:
    ‘मेरा गाँव मेरी धरोहर’ (MGMD) पोर्टल पर पहले से अपलोड की गई जानकारी को ग्रामीणों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। ग्राम सभा द्वारा इसकी समीक्षा कर जानकारी की सटीकता का सत्यापन किया जाएगा।

क्यों खास है यह पहल?

जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू ने बताया कि—

“यह पहल ‘सबका साथ, सबका विकास’ के साथ-साथ ‘सबका प्रयास’ की भावना को भी सशक्त करती है। अब गाँव से जुड़ी जानकारी केवल सरकारी अभिलेखों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण स्वयं इसकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करेंगे। इससे हर गाँव का इतिहास और संस्कृति डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सही रूप में दर्ज हो सकेगी।”

प्रशासन की तैयारी

जिला प्रशासन एवं पंचायती राज विभाग द्वारा सभी मुखिया, पंचायत सचिव एवं वीएलई को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 26 जनवरी को ध्वजारोहण के पश्चात यह विशेष ग्राम सभा आयोजित की जाएगी। इसमें अधिक से अधिक ग्रामीणों, विशेषकर बुजुर्गों एवं युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है, ताकि परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम हो सके।

26 जनवरी 2026 की यह विशेष ग्राम सभा न केवल लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रयोग का मंच बनेगी, बल्कि यह अपनी जड़ों से जुड़ने और अपनी ‘धरोहर’ पर गर्व करने का एक ऐतिहासिक अवसर भी सिद्ध होगी।

Loading

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

About The Author

Related Articles

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%
Back to top button