नई दिल्ली

लाल किला कार बम धमाका मामला: एनआईए ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी यासिर अहमद डार को किया गिरफ्तार

Views: 90
0 0
Read Time:4 Minute, 12 Second

लाल किला कार बम धमाका मामला: एनआईए ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी यासिर अहमद डार को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली:लाल किला के बाहर हरियाणा नंबर की आई-20 कार में हुए कार बम धमाके के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक और आतंकी यासिर अहमद डार को गिरफ्तार किया है। एनआईए की जांच में सामने आया है कि यासिर भी आत्मघाती हमले की तैयारी में था और मानव बम बनने की योजना बना रहा था। उसे पटियाला कोर्ट में पेश किया गया।

मानव बम बनने की तैयारी, लेकिन साजिश नाकाम

एनआईए के अनुसार, यासिर अहमद डार की योजना भी लाल किला कार धमाके में मारे गए आतंकी डॉ. उमर नबी बट की तरह आत्मघाती हमला करने की थी। उसने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से बातचीत के दौरान कई माह पहले इसकी शपथ भी ली थी। हालांकि, सफेदपोश डॉक्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ हो जाने और कई आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क की व्यापक साजिश पर पानी फिर गया।

एनआईए का कहना है कि फरीदाबाद में इस मॉड्यूल से जुड़े कई आतंकियों की गिरफ्तारी और उनके पास से विस्फोटक, हथियार और कारतूस बरामद होने के बाद हालात बदल गए। ऐसे में उमर नबी बट ने 10 नवंबर को आनन-फानन में दिल्ली आकर लाल किला के बाहर मानव बम बनकर धमाका कर दिया, जबकि मॉड्यूल की तत्काल धमाके की योजना नहीं थी—वह अभी प्लानिंग चरण में था।

मुस्लिम बहुल इलाके से गिरफ्तारी

एनआईए के मुताबिक, यदि उस समय यासिर भी दिल्ली-एनसीआर में मौजूद होता तो वह भी मानव बम बनकर हमले को अंजाम दे सकता था। इस धमाके में 15 लोगों की मौत हुई थी और 22 लोग घायल हुए थे। यासिर इस मामले में नौवां गिरफ्तार आतंकी है। वह जम्मू-कश्मीर के शोपियां का रहने वाला है और उसे दिल्ली के एक मुस्लिम बहुल इलाके से गिरफ्तार किया गया।

जांच में सामने आया है कि 10 नवंबर को हुई साजिश में यासिर की सक्रिय भूमिका थी। उसने वफादारी की शपथ ली थी और बलिदानी ऑपरेशन करने की कसम खाई थी। घटना वाले दिन वह शोपियां में था और उसने उमर नबी बट को मानव बम बनकर धमाका करने की नसीहत दी थी, साथ ही खुद मौके पर न होने का अफसोस भी जताया था।

साजिश की परतें खुलीं

एनआईए ने बताया कि यासिर अन्य आरोपितों—जिसमें उमर नबी बट (मृत) और मुफ्ती इरफान शामिल हैं—के साथ करीबी संपर्क में था। विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर एनआईए साजिश की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर डिजिटल डिवाइस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है।

इससे पहले मुख्य आरोपित डॉ. मुजम्मिल शकील गनी और डॉ. शाहीन सईद के ठिकानों—अल-फलाह यूनिवर्सिटी कॉम्प्लेक्स और फरीदाबाद (हरियाणा) सहित अन्य स्थानों—पर भी तलाशी ली जा चुकी है। एनआईए का कहना है कि मामले की जांच तेज़ी से जारी है और नेटवर्क के सभी पहलुओं को उजागर किया जाएगा।

“sorsh jagran”

Loading

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

About The Author

Related Articles

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%
Back to top button