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बरहरवा:शिक्षकों की मासिक गुरु गोष्ठी सम्पन्न, विद्यालय स्वच्छ रखने और मध्यान भोजन पर जोर

बरहरवा:शिक्षकों की मासिक गुरु गोष्ठी सम्पन्न, विद्यालय स्वच्छ रखने और मध्यान भोजन पर जोर

बरहरवा। वन प्रवासी उच्च विद्यालय भगैया में मंगलवार को शिक्षकों की मासिक गुरु गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (BEEO) तरुण कुमार घांटी ने की, जबकि प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मोहम्मद एहसान अहमद विशेष रूप से उपस्थित थे। इस बैठक में प्रखंड के सभी विद्यालयों से आए प्रभारी प्रधानाध्यापकों ने भाग लिया और विद्यालय संचालन से जुड़ी अपनी-अपनी समस्याएं रखीं।

गोष्ठी में मध्यान भोजन योजना, विद्यालय स्वच्छता, खेलकूद, तथा विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी ने उपस्थित सभी प्रभारी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया कि विद्यालय परिसर को साफ-सुथरा एवं स्वच्छ रखें, ताकि छात्रों को स्वस्थ और अनुकूल वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वच्छ विद्यालय ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार है।

बैठक में बताया गया कि “खेलों झारखंड” के तहत भगैया के कौड़ी खुटाना मैदान में 18 से 20 अगस्त तक विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इसमें सभी विद्यालयों से छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान, प्लास कार्यक्रम, वर्गवार-कोटीवार छात्रों की स्थिति, स्कूल किट के उपयोग की महत्ता आदि विषयों पर चर्चा की गई।

मध्यान भोजन योजना के तहत सभी विद्यालयों को प्रतिदिन एसएमएस के माध्यम से भोजन वितरण की सूचना देने और प्रत्येक माह की 3 तारीख तक मध्यान भोजन का मासिक रिपोर्ट जमा करने का सख्त निर्देश दिया गया। इससे योजना की पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

गोष्ठी में बीपीओ एहसान अहमद, कंप्यूटर ऑपरेटर भानु प्रताप, बीआरपी क्लाइमेट सोरेन, उमेश कुमार, सीआरपी सनाउल्लाह अंसारी, अजय यादव, प्रभारी प्रधानाध्यापक छविलाल पासवान, रुबी कुमारी, प्रेमलता कुमारी, मुन्नालाल मुर्मू, अरुण कुशवाहा, सुनील मिश्रा, अब्दुल अंसारी समेत सभी विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापक मौजूद थे।

बैठक का उद्देश्य विद्यालयों की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करना, शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाना और छात्रों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना रहा। उम्मीद है कि इन निर्देशों के पालन से प्रखंड के विद्यालयों में शिक्षा और सहायक सुविधाओं की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

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