घाघरा थाना में दिया आवेदन, बेटी की सकुशल बरामदगी और कार्रवाई की मांग
घाघरा (गुमला), 25 जून
प्रेम कुमार साहू की रिपोर्ट,
गुमला जिले के घाघरा क्षेत्र से एक मार्मिक मामला सामने आया है, जहां एक मां पिछले करीब पांच वर्षों से अपनी बेटी की राह देख रही है। समय बीतने के साथ उम्मीदें कमजोर पड़ती जा रही हैं, लेकिन मां की आस अब भी बरकरार है। थक-हारकर पीड़ित मां ने घाघरा थाना पहुंचकर अपनी बेटी की तलाश और न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता सकलमनि उराइन, जो बिशुनपुर थाना क्षेत्र के बलातू पाट हेलता गांव की निवासी ने अपने लिखित आवेदन में बताया कि वर्ष 2021 में घाघरा थाना क्षेत्र के पाकरटोली निवासी जितेंद्र महतो और उसकी पत्नी सीता देवी उनकी बेटी को काम दिलाने का झांसा देकर दिल्ली ले गए थे। बेहतर भविष्य की उम्मीद में मां ने अपनी बेटी को उनके साथ भेज दिया, लेकिन यही फैसला आज उसके जीवन का सबसे बड़ा दुख बन गया।
मां के अनुसार, दिल्ली जाने के बाद शुरुआती दिनों में महीने में एक बार बेटी से बातचीत हो जाती थी। इस दौरान बेटी अक्सर घर लौटने की इच्छा जताती थी। हर बार आरोपियों द्वारा चुनाव खत्म होने के बाद घर भेजने का आश्वासन दिया जाता रहा, जिससे परिवार को उम्मीद बनी रही।
हालांकि फरवरी 2024 के बाद से बेटी से पूरी तरह संपर्क टूट गया। बेटी की कोई खबर नहीं मिलने से मां की चिंता बढ़ गई। वह कई बार आरोपियों के घर पहुंचकर जानकारी लेने की कोशिश करती रही, लेकिन हर बार उसे टाल दिया गया। बाद में बताया गया कि उसकी बेटी आठ हजार रुपये का मोबाइल लेकर कहीं चली गई है।
पीड़ित मां ने आरोप लगाया है कि जब उसने अधिक दबाव बनाया तो उसे डराया-धमकाया गया और स्पष्ट कहा गया कि बेटी को वापस नहीं लाया जाएगा। इस घटना के बाद मां को किसी अनहोनी की आशंका सताने लगी।
अंततः एक समाजसेवी के सहयोग से सकलमनि उराइन घाघरा थाना पहुंचीं और लिखित आवेदन देकर अपनी बेटी की सकुशल बरामदगी की मांग की। उन्होंने आशंका जताई है कि उनकी बेटी के साथ कोई अप्रिय घटना भी हो सकती है।
इस संबंध में थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह ने दूरभाष पर बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
अब एक मां की निगाहें सिर्फ इस उम्मीद पर टिकी हैं कि उसकी बेटी सुरक्षित घर लौट आए और वर्षों का इंतजार समाप्त हो।