साड़म बाजार स्थित मछली बाजार में आज एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। जहां रोज़ी-रोटी के संघर्ष में उलझे मछली विक्रेताओं के बीच पहली बार कोई जनप्रतिनिधि उनके दुख-दर्द को समझने पहुंचा। जिला परिषद सदस्य आकाश लाल सिंह ने बाजार का निरीक्षण किया और हर छोटे-बड़े विक्रेता से रुककर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
इन विक्रेताओं के लिए मछली बेचना सिर्फ एक व्यवसाय नहीं, बल्कि पूरे परिवार का सहारा है। इसी आमदनी से उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई होती है, घर का चूल्हा जलता है और शादी-विवाह जैसे बड़े जिम्मेदारियों का बोझ भी यही उठाता है। लेकिन बदहाल व्यवस्था, रोशनी की कमी और पक्की दुकान न होने के कारण रोज़ उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
विक्रेताओं ने अपनी पीड़ा बताते हुए बाजार में एक हाई मास्ट लाइट लगाने और सभी के लिए एक व्यवस्थित जगह पर सरकारी दुकानों के निर्माण की मांग रखी। उनका कहना था कि अंधेरे और अव्यवस्था के कारण न सिर्फ उनका व्यापार प्रभावित होता है, बल्कि सुरक्षा का भी खतरा बना रहता है।
आकाश लाल सिंह ने उनकी बातों को गंभीरता से लेते हुए भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही बोकारो के मत्स्य पदाधिकारी और गोमिया के प्रखंड विकास पदाधिकारी से मिलकर इन समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा मछली पालकों और विक्रेताओं के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनकी जानकारी एक विशेष कैंप लगाकर दी जाएगी।
इस दौरान मछली विक्रेताओं के चेहरों पर लंबे समय बाद उम्मीद की झलक दिखी। कई लोगों की आंखें नम हो गईं, क्योंकि उनका कहना था कि आज तक कोई जनप्रतिनिधि इस तरह उनके बीच आकर उनका हाल जानने नहीं आया।
यह सिर्फ एक निरीक्षण नहीं था, बल्कि उन मेहनतकश परिवारों के लिए एक उम्मीद थी, जो रोज़ संघर्ष करते हैं ताकि उनके बच्चों का भविष्य बेहतर बन सके। इस क्रम में मौके पर अजीत नारायण प्रसाद, गौतम केवट, पिन्टू केवट, भीम केवट, सुभाष केवट, संजय केवट, भोमरी,लोधन,धनेया, कारु, इंद्र, शंभू, संतोष, बबलू आदि लोग उपस्थित थे|