दुमका। इंडियन बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), जामा में महिलाओं के लिए संचालित सिलाई-कटाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार को किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि नाबार्ड के उप महाप्रबंधक राकेश सिन्हा, नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक शुभेन्दु बेहरा, आरसेटी के निदेशक एमानुएल आशीष अनुराग, महिला प्रशिक्षिका अनिता शर्मा सहित संकाय सदस्यों व प्रशिक्षणार्थियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्य अतिथि राकेश सिन्हा ने आरसेटी द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार आधारित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि “महिलाओं के लिए सिलाई-कटाई आजीविका का एक सशक्त एवं स्थायी माध्यम बन सकता है। सभी चयनित प्रशिक्षु प्रशिक्षण को गंभीरता से लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत कदम उठाएँ।”
नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक शुभेन्दु बेहरा ने इसे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल उन्हें आय अर्जित करने का अवसर देगा, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और सामाजिक पहचान भी बढ़ाएगा। आने वाले समय में यह कार्यक्रम अनेक महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव की मिसाल बनेगा।
आरसेटी के निदेशक एमानुएल आशीष अनुराग ने मुख्य अतिथियों को बुके देकर स्वागत करते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाएँ घर बैठे कौशल विकास कर स्वरोजगार से जुड़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि “वूमेन्स टेलर (सिलाई) प्रशिक्षण में साड़ी, ब्लाउज, शर्ट, पैंट, कोट सहित पुरुष व महिलाओं के अनेक परिधानों की सिलाई सिखाई जाएगी। साथ ही आधुनिक डिजाइन, फैशन ट्रेंड्स और मार्केट डिमांड के अनुरूप कपड़े तैयार करने का ज्ञान भी दिया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह नि:शुल्क एवं आवासीय है। प्रतिभागियों को रहने, खाने, अध्ययन सामग्री, यूनिफॉर्म जैसी सभी सुविधाएँ निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएँगी। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रशिक्षुओं को स्वरोजगार हेतु बैंक ऋण दिलाने में भी सहयोग किया जाएगा।
कार्यक्रम में संकाय सदस्य उत्पल कुमार लाहा, अमरदीप कुमार, कार्यालय सहायक अभिषेक कुमार, मनोज कुमार सिंह, संजय सोरेन, नाबार्ड के सुधीर कुमार, ईशा तिवारी सहित कई लोग उपस्थित रहे।