पाकुड़।राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के तत्वावधान में “मेडिएशन फॉर द नेशन 2.0” अभियान के तहत एक मामले का सफलतापूर्वक सुलह-समझौता कराया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडे के निर्देश पर चल रहे इस अभियान के अंतर्गत पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के कुटुंब न्यायालय में लंबित मूल भरण-पोषण वाद संख्या 254/2025 (सोमीरोन खातून बनाम बदरूद्दीन अंसारी) का सफल निष्पादन किया गया। दंपति वर्षों से अलग रह रहे थे तथा उनकी एक पुत्री भी है।
प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के अथक प्रयास से पति-पत्नी के बीच चल रहे आपसी मतभेद को समाप्त कराया गया। दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से मतभेद भुलाकर पुनः साथ रहने का निर्णय लिया तथा भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न करने का संकल्प लिया।
इस सफल मध्यस्थता में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संबंधित दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के सहयोग से टूटता परिवार फिर से एक हो सका, जिससे परिवार में खुशियां लौट आईं।
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक ने दंपति को सौहार्दपूर्ण जीवन जीने, आपसी मतभेद से बचने और परिवार के साथ मिलजुल कर रहने का संदेश दिया।
यह अभियान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष दिवाकर पांडे के मार्गदर्शन तथा सचिव रूपा बंदना किरो की देखरेख में संचालित किया जा रहा है। मौके पर दंपति के परिजन, अधिवक्ता सुलेखा प्रमाणिक एवं न्यायालय कर्मी उपस्थित थे।