तीनपहाड़:- मुहर्रम के चालीस दिन बाद इमाम हुसैन के शहादत की याद में मनाया जाने वाला चेहल्लुम सोमवार को तीनपहाड़ में मनाया जाएगा चेहल्लुम को लेकर कमिटी के सदस्यों द्वारा तैयारी जोर शोर से की जा रही है।
चेहल्लुम के दिन तीनपहाड़ के इमामबाड़ा से दोपहर में ताज़िया निकल कर पूरे तीनपहाड़ भ्रमण करता है इस दौरान बाहर से आने वाले व स्थानीय खिलाड़ियों के द्वारा पारम्परिक हथियार से जगह जगह पर गोल बनाकर खेल व कर्तव् दिखाया जाता है।आकर्षक खेल व करतब दिखाने वालो को अंतिम गोल में पुरुस्कार देकर सम्मनित किया जाता है।
युवाओ के द्वारा जगह जगह तबरुख (खीचड़ा) व शरबत बाटा जाता हैं।चहल्लुम में यहा काफी भीड़ भाड़ होती है बिहार व पश्चिम बंगाल सहित दूर दराज से लोग यहा चेहल्लुम देखने आते है।
चेहल्लुम में इमाम हुसैन की शहादत की यादे ताजा हो उठती है। यजीद की सेना द्वारा इमाम हुसैन व उनके कत्लेआम की घटना व उनके परिजनों पर अत्याचार को मोहम्मद साहब के अनुयायियों ने अपने तरीके से याद किया जाता हैं।चेहलुम हजरत इमाम हुसैन व उनके 72 साथियों की करबला के मैदान में शहादत की याद में मनाया जाता है।
तीनपहाड़ ताज़िया के डायरेक्टर मो हुसैन अंसारी ने बताया कि तीनपहाड़ में 1954 में पहली बार ताज़िया बनाया गया था।जो सिलसिला अभी तक जारी है और अब तीनपहाड़ में चेहल्लुम भव्य तरीके से मनाया जाता है।उस समय के खलीफा(उस्ताद) मो ननकू मिया थे, इसके बाद सुभान मिया, अब्दुल गफ्फार, मो हुसैन अंसारी, मो अमीन हैदरी बने, वर्तमान में मो राशिद खलीफा है।
वही मो हुसैन अंसारी के नेतृत्व में स्थानीय कारीगरों के द्वारा चेहल्लुम में ताज़िया निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है।इसबार हाजी अली दरगाह के तर्ज पर बन रहा आकर्षक ताज़िया।
कमिटी के कोषाध्यक्ष मो शकील अंसारी ने बताया कि चेहल्लुम इस बार भव्य तरीके से मनाया जाएगा खेल व कर्तव दिखाने वालो के बीच आकर्षक पुरुष्कार का वितरण किया जाएगा।जगह जगह लाइट व लाऊड स्पीकर लगाए गए है।चेहल्लुम का बजट ढाई लाख रुपये का है।
कमिटी के सचिव मो ज़मीर ने बताया की तीनपहाड़ में चेहल्लुम हिन्दू मुस्लिम भाई चारा का प्रतीक है।कमिटी में भी दोनो समुदाए के लोग शामिल हो आर्थिक एवम शारीरिक सहयोग कर चेहल्लुम मनाने में साथ देते हैं।वही इस बार सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया गया है जिला से भी अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गयी हैं।इस बार इमाम बाड़ा से ताज़िया संध्या चार बजे निकलेगी और रात एक बजे तक समापन होगी।