लातेहार। उपायुक्त श्री उत्कर्ष गुप्ता की अध्यक्षता में सोमवार को जिला समाहरणालय सभागार में ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल, पथ निर्माण प्रमंडल एवं राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यक्रम लातेहार से जुड़े कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंताओं और अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के अंतर्गत चल रही विकास योजनाओं की अद्यतन प्रगति, लंबित परियोजनाओं की स्थिति, कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करना था। उपायुक्त ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।
लंबित योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई योजनाएं निर्धारित समय-सीमा से पीछे चल रही हैं। इस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि लंबित योजनाओं को यथाशीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जनोपयोगी योजनाओं का लाभ जनता को समय पर मिलना चाहिए, इसलिए विभागीय लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गुणवत्ता पर विशेष जोर
उपायुक्त ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी योजना में गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों और संवेदकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जनोपयोगी योजनाओं में तत्परता बरतने की अपील
समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि जनोपयोगी योजनाओं के क्रियान्वयन में तत्परता बरती जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना को समय पर और निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करना अनिवार्य है, ताकि जनता को योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके और क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विकास हो।
बैठक में मौजूद अधिकारी
बैठक में कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग, कार्यपालक अभियंता कार्य प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग, तथा कार्यपालक अभियंता राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यक्रम उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के कार्यों की स्थिति से उपायुक्त को अवगत कराया और लंबित योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने का आश्वासन दिया।
जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता
उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने अंत में कहा कि विकास कार्यों का मुख्य उद्देश्य जनता के जीवन में सुधार लाना है। इसलिए सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं में कोई देरी न हो, गुणवत्ता से समझौता न किया जाए और कार्य पूर्ण होने के बाद उसका लाभ सीधे जनता तक पहुंचे।