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फर्जी पारिवारिक सूची प्रमाण पत्र मामला: लातेहार प्रशासन ने किया निरस्त, विधिक कार्रवाई की संभावना

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फर्जी पारिवारिक सूची प्रमाण पत्र मामला: लातेहार प्रशासन ने किया निरस्त, विधिक कार्रवाई की संभावना

लातेहार, झारखंड: लातेहार जिले के गारू प्रखंड से एक फर्जी पारिवारिक सूची प्रमाण पत्र का मामला सामने आया है। प्रशासनिक जाँच में पुष्टि होने के बाद अंचल अधिकारी ने इस प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है और आवेदक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की संभावना जताई है। कैसे हुआ फर्जीवाड़ा उजागर? गारू अंचल कार्यालय से…

फर्जी पारिवारिक सूची प्रमाण पत्र मामला: लातेहार प्रशासन ने किया निरस्त, विधिक कार्रवाई की संभावना
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फर्जी पारिवारिक सूची प्रमाण पत्र मामला: लातेहार प्रशासन ने किया निरस्त, विधिक कार्रवाई की संभावना

लातेहार, झारखंड: लातेहार जिले के गारू प्रखंड से एक फर्जी पारिवारिक सूची प्रमाण पत्र का मामला सामने आया है। प्रशासनिक जाँच में पुष्टि होने के बाद अंचल अधिकारी ने इस प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया है और आवेदक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की संभावना जताई है।

कैसे हुआ फर्जीवाड़ा उजागर?

गारू अंचल कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम कुई, पो०-कारवाई, थाना-गारू निवासी रमेश सिंह को पारिवारिक सूची प्रमाण पत्र क्रमांक-25 दिनांक 25.10.2024 को निर्गत किया गया था। लेकिन बाद में विशेष सूत्रों से जानकारी मिली कि यह प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से तैयार किया गया है। इस पर प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए राजस्व कर्मचारी और राजस्व उपनिरीक्षक से मामले की स्पष्टीकरण मांगी।

राजस्व उपनिरीक्षक द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि रमेश सिंह ने शपथ-पत्र संख्या-24699 दिनांक 16.10.2024 के तहत यह प्रमाणित किया था कि उनकी पत्नी पानपति देवी का निधन 25.07.2024 को हो गया था। मृतका पानपति देवी ग्राम कुई में आँगनबाड़ी सेविका के पद पर कार्यरत थीं। इसी आधार पर पारिवारिक सूची प्रमाण पत्र जारी किया गया था।

पुनः जाँच में खुला बड़ा फर्जीवाड़ा

प्रशासन ने मामले की गहन स्थलीय जाँच करवाई, जिससे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जाँच में पाया गया कि रमेश सिंह की पहली पत्नी पानपति देवी के निधन के बाद उन्होंने एक अन्य महिला को साथ रखना शुरू कर दिया, जिससे उनके दो और बच्चे हैं।

इतना ही नहीं, पारिवारिक सूची प्रमाण पत्र में रमेश सिंह ने अपने भतीजे देयली सिंह को अपना पुत्र बताया था। वास्तविकता में, देयली सिंह, जगदेव सिंह के पुत्र हैं, जो रमेश सिंह के भतीजे लगते हैं। इसके अलावा, रमेश सिंह ने पारिवारिक सूची में अपने कुछ अन्य पारिवारिक सदस्यों की जानकारी छुपाकर गलत विवरण प्रस्तुत किया।

फर्जी दस्तावेजों से प्रमाण पत्र प्राप्त करने की कोशिश

जाँच के दौरान रमेश सिंह द्वारा देयली सिंह को गोद लेने का दावा करने वाले दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए, जो प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत हुए। प्रशासन ने इन दस्तावेजों को संदिग्ध मानते हुए मामले की गहन पड़ताल की, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि रमेश सिंह ने सरकारी तंत्र को गुमराह करने के लिए झूठे तथ्यों के आधार पर पारिवारिक सूची प्रमाण पत्र प्राप्त किया।

प्रमाण पत्र निरस्त, विधिक कार्रवाई की तैयारी

गहन विवेचना के बाद लातेहार जिला प्रशासन ने पारिवारिक सूची प्रमाण पत्र क्रमांक-25 दिनांक 25.10.2024 को निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही, रमेश सिंह के खिलाफ सरकारी कार्यालय को गुमराह करने, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने और भ्रमक जानकारी प्रस्तुत करने के आरोप में विधि सम्मत कार्रवाई की संभावना व्यक्त की गई है।

प्रशासन का सख्त संदेश

इस घटना ने सरकारी दस्तावेजों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के लिए एक कड़ा संदेश दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर लाभ उठाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे पारिवारिक सूची प्रमाण पत्र या किसी अन्य सरकारी दस्तावेज के लिए सही जानकारी ही प्रस्तुत करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

(रिपोर्ट: विशेष संवाददाता, लातेहार)

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