पंकज कुमार यादव की रिपोर्ट,
गारू/बारेसाढ़:- पलामू टाइगर रिजर्व: टेनटाढ़ से जोड़ासकूवा एंक्लोजर तक सड़क निर्माण का कार्य वन विभाग के तहत किया जा रहा है। वनरक्षी अरुण कुमार और वनपाल कुजूरूम पूर्वी के प्रभारी निर्भय सिंह के नेतृत्व में पूरी की जा रही है। हालांकि, यह निर्माण कार्य विवादों में आ गया है, क्योंकि इसमें वन विभाग के टेक्करों (वन गश्ती कर्मी) को लगाया गया है।
मुद्दा: टेक्करों की भूमिका का विचलन
वन विभाग में टेक्करों की प्राथमिक जिम्मेदारी जंगल की सुरक्षा और वन्यजीवों की निगरानी करना है। लेकिन, उन्हें सड़क निर्माण में शामिल करना उनकी मूल जिम्मेदारियों से भटकाव पैदा कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टेक्करों का काम गश्त और जंगल की देखरेख करना है, न कि निर्माण कार्य करना।
स्थानीय मजदूरों के रोजगार पर असर
सड़क निर्माण में टेक्करों की तैनाती से स्थानीय मजदूरों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। आमतौर पर ऐसे कार्यों में स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिलता है, लेकिन टेक्करों द्वारा काम करने से यह अवसर उनसे छिन रहा है। इससे स्थानीय लोग नाराज हैं और वन विभाग पर सवाल उठा रहे हैं।
वन विभाग की जिम्मेदारी
टेक्करों का उपयोग निर्माण कार्य में करना केवल सामाजिक विवाद ही नहीं, बल्कि उनकी भूमिका की अस्पष्टता को भी उजागर करता है। वन विभाग को चाहिए कि टेक्करों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करे और जंगल की सुरक्षा जैसे उनके मूल कार्यों पर ध्यान केंद्रित करे।
निष्कर्ष
टेक्करों को सड़क निर्माण कार्य में शामिल करना न केवल उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी को कमजोर कर रहा है, बल्कि स्थानीय श्रमिकों के अधिकारों का भी हनन कर रहा है। वन विभाग को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर संतुलित और न्यायपूर्ण समाधान निकालना चाहिए।
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