लातेहार संवाददाता,
मनिका/लातेहार:- मनिका प्रखंड में मनरेगा में गड़बड़ झाला रुकने का नाम नहीं ले रहा है।आए दिन कुछ न कुछ गड़बड़ झाला होते रहता है।इसी क्रम में जीप सदस्य बलवंत सिंह ने मनिका प्रखंड में मनरेगा प्रशासनिक मद की 11 लाख 67 हजार 541 रुपए की राशि का बिना समान खरीदे बीडीओ, बीपीओ और नजीर की मिली भगत से बंदर बांट करने का आरोप लगाया है। इस बाबत जीप सदस्य बलवंत सिंह ने बताया की प्रखंड विकास पदाधिकारी और बीपीओ दोनो के संयुक्त हस्ताक्षर व दोनो की मिली भगत से सामग्री खरीद के नाम पर मनरेगा प्रशासनिक मद की राशि 11 लाख 67 हजार 541 रुपए निजी वेंडर के खाते के माध्यम से निकाल कर गबन कर लिया गया।जिसके तहत ए के इंटरप्राइजेज के खाते में दिनांक 24/12/2023 को 223380,194936,118527 तथा 177980 की राशि जबकि वेंडर चंद्र प्रकाश उपाध्याय के खाते में दिनांक 26/12/2023 को 72994,15948 और 16978 की राशि दिनांक 20/01/2024 को 38757 और 83041 की राशि तथा दिनांक 02/04/2024 को 225000 की राशि डाले गए।जीप सदस्य ने बताया इस बाबत जब उन्होंने बीपीओ और नजीर से मनरेगा प्रशासनिक मद की इतनी भरी भरकम राशि खर्च कर कौन कौन सी सामग्री खरीदा गया पूछने पर वे दोनो कुछ भी बताने में असमर्थता जाहिर किया। जीप सदस्य ने बताया इनकी असमर्थता से जाहिर होता है की इसमें लाखो की राशि का बंदर बांट कर गबन कर लिया गया है। जीप सदस्य बलवंत सिंह ने कहा कि मनिका प्रखंड में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है पर वे ऐसा नहीं होने देंगे।उन्होंने कहा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर मामले में संलिप्त अधिकारियों तथा मनरेगा कर्मियों पर कार्यवाइ करने हेतु उन्होंने राज्य के मुख्य मंत्री तथा उपायुक्त को आवेदन दिया है।