बेलागड़ा पंचायत में बिचौलिया है हावी होगी कार्रवाई…बीपीओ बेबी कुमारी
- स्कूली बच्चों के नाम से बने फर्जी जॉब कार्ड बिचोलिया और रोजगार सेवक के मिली भगत से किया लाखों की निकासी
प्रेम कुमार साहू की रिपोर्ट,
गुमला/घाघरा:- प्रखंड के बेलागड़ा पंचायत के गोया में मनरेगा योजना में नाबालिक स्कूली छात्रों के नाम दर्जनों जॉब कार्ड बनाकर तीन लाख बारह हजार सरकारी राशि की निकासी मामले में गोया निवासी इमरान खान ने बीडीओ दिनेश कुमार से मामले की जांच एवं दोषियों पर कारवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता इमरान ने इस निकासी के बावत साक्ष्य के रूप में जॉब कार्डधारी का नाम, जॉब कार्ड नम्बर, एवं निकासी की राशि से संबंधित दस्तावेज की छायाप्रति भी आवेदन में संलग्न किया है। आवेदन में कहा गया है कि गोया ग्राम में मनरेगा के तहत नाबालिक बच्चों का जॉब कार्ड बनाकर अवैध तरीके से मास्टर रॉल भरकर पैसा का निकासी का काम किया जा रहा है। उन्होंने शिकायत में कहा है कि सात, आठ, नौ, दस एवं इंटर के छात्र छात्राएं है। यहां बता दें कि एक ब्यक्ति के दो – दो जॉब कार्ड बनाकर पैसे की निकासी की गई है। उक्त राशि की निकासी का खेल वर्षों से चल रहा है। वितिय वर्ष 2022, 2023 एवं 2024 में करीब तीन लाख से अधिक की राशि निकाल ली गयी है और निकासी अब भी जारी है। शिकायतकर्ता ने मास्टर रॉल एवं योजना संख्या की कॉपी शिकायत के साथ संग्लन किया है।
आईए जानें मनरेगा में कितनी अवैध निकासी हुआ।
यहां यह बता दे कि अलग अलग वितीय वर्ष में मनरेगा की राशि निकासी में 12 वर्षीय रमजान अली के खाते से 42 हजार 513 रुपये, नरगिस परवीन जो कूड़ु में नानी के घर रहती है उसके खाते से 7650, ताहीद खान के खाते से 45, 336 रुपये, शानिया खातून 39,570 रुपये, आयात खान के खाते से 28, 466 रुपये, आहिद अफरीदी के खाते से 18, 900, नेहा ख़ातून के खाते से 46,134 रुपये की मनरेगा की राशि की अवैध रूप से जाबकार्ड बनाकर की गई है। जबकि तखसिल खान, बबली प्रवीण 12 वर्ष, हसारा प्रवीण के नाम भी सरकारी राशि की निकासी किया गया है।
इस बावत मामले की जांच करने पहुँची बीपीओ बेबी कुमारी ने बताया कि कुल 17 नाबालिक के नाम से जॉब कार्ड बनाया गया है और बिचौलिया हावी है। अभी जाँच पूरा नही हो सका है जांच पूरा होने पर ही बताया जा सकता है।*वही गांव के पीड़ित बच्चे की मां फिरदौस बीवी ने बताया कि हमारे बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं और हम लोगों को पता भी नहीं है कि हमारे बच्चे का जॉब कार्ड कब बना और बिचौलिया के द्वारा पैसा का निकासी किया गया।