बरहरवा।आधुनिकता के दौर में भी दीपावली की पारंपरिक खुशबू गांव और कस्बों में आज भी बरकरार है। दीपावली पर घरों की रौनक के साथ-साथ घरौंदा (घरकुंडा) बनाने की परंपरा आज भी लोगों के दिलों में जीवित है। विशेषकर लड़कियों में घरौंदा बनाने की होड़ दीपावली के दिनों में देखने को मिलती है। दीपावली की पूर्व संध्या पर ईंट, मिट्टी और गोबर से छोटे-छोटे घर बनाकर उन्हें रंग-बिरंगे रंगों से सजाया जाता है। कई जगहों पर महिलाएं और लड़कियां मिट्टी के घरों में दीप जलाती हैं और उसमें लड्डू, बताशा, मूढ़ी,…