आजकल हार्ट अटैक सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवा और यहां तक कि बच्चों में भी इसके मामले सामने आने लगे हैं। बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान, मानसिक तनाव और शारीरिक सक्रियता की कमी के कारण हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि हर उम्र के व्यक्ति को हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों को पहचानना और उन पर तुरंत प्रतिक्रिया देना जरूरी है। हमारा शरीर हार्ट अटैक से पहले कुछ संकेत देता है, लेकिन कई बार हम इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति गंभीर…