प्रसव के बाद 20 वर्षीय महिला की मौत, सदर अस्पताल में हंगामा
नवजात एसएनसीयू में भर्ती, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप; डीएस ने जांच का दिया भरोसा

रिपोर्ट : अनिकेत कुमार सोनू,
साहिबगंज। सदर अस्पताल में प्रसव के बाद 20 वर्षीय महिला की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। शनिवार को पुत्र को जन्म देने वाली ममता ठाकुर की रविवार देर रात मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि महिला की हालत गंभीर होने की जानकारी समय पर नहीं दी गई। वहीं, अस्पताल प्रशासन के अनुसार, प्रसूता की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। मामले में अस्पताल के उपाधीक्षक (डीएस) डॉ. देवेश कुमार ने जांच कराने का आश्वासन दिया है।
मृतका की पहचान गोड्डा थाना क्षेत्र के बसडीहा निवासी प्रमोद ठाकुर की पत्नी ममता ठाकुर के रूप में हुई है। परिवार में नवजात के जन्म से खुशियां थीं, लेकिन कुछ ही समय बाद मां की मौत से मातम पसर गया। मां की मौत और नवजात के एसएनसीयू में भर्ती होने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुत्र को जन्म देने के बाद एसएनसीयू में भर्ती हुआ नवजात
परिजनों के अनुसार, ममता ठाकुर का यह पहला प्रसव था। शनिवार को डॉ. स्नेहलता की देखरेख में उन्होंने एक पुत्र को जन्म दिया। जन्म के बाद नवजात की स्थिति ठीक नहीं होने पर उसे अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। वहीं, प्रसूता को दूसरे वार्ड में रखकर इलाज किया जा रहा था। परिजनों को उम्मीद थी कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हो जाएंगे, लेकिन रविवार देर रात महिला की तबीयत बिगड़ने की सूचना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
देर रात बिगड़ी तबीयत, कुछ ही देर में मौत
परिजनों का कहना है कि रविवार रात करीब 12 बजे के बाद ममता की तबीयत बिगड़ने लगी। उनकी स्थिति गंभीर होने के कुछ ही समय बाद मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने इलाज की प्रक्रिया और अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए हंगामा किया।
परिजनों का आरोप, समय पर मिलती जानकारी तो ले जाते दूसरे अस्पताल
परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला की हालत गंभीर होने पर उन्हें समय रहते जानकारी नहीं दी गई। यदि पहले सूचना मिल जाती, तो वे बेहतर इलाज के लिए उसे किसी बड़े अस्पताल में ले जाने का प्रयास कर सकते थे। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। हालांकि, इलाज में लापरवाही के आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अस्पताल प्रशासन ने कहा, अचानक बिगड़ी तबीयत
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, प्रसव के बाद महिला और नवजात की स्थिति ठीक थी तथा स्वास्थ्यकर्मी प्रसूता के स्वास्थ्य पर नजर रख रहे थे। इसी दौरान देर रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन के इस दावे और परिजनों के आरोपों के बीच अब जांच से ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
डीएस ने दिया जांच का भरोसा
सदर अस्पताल के डीएस डॉ. देवेश कुमार ने मामले की जांच कराने की बात कही है। जांच में इलाज के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया, महिला की तबीयत बिगड़ने के कारणों और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल महिला की मौत की वास्तविक वजह और इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति साफ हो सकेगी।
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