विजयादशमी पर पूजा पंडालों में उमड़ा आस्था का सैलाब, सिंदूर खेला और डांडिया ने बांधा समां
Pakud News

पाकुड़ संवाददाता। मां दुर्गा की आराधना, उल्लास और भक्ति से सराबोर दुर्गोत्सव अब विदाई की बेला में पहुंच गया है। विजयादशमी के अवसर पर पाकुड़ जिला मुख्यालय सहित विभिन्न प्रखंडों के पूजा पंडालों में पारंपरिक सिंदूर खेला की धूम रही। सुहागिन महिलाओं ने मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर एक-दूसरे के माथे और गालों पर सिंदूर लगाया तथा परिवार की सुख-समृद्धि, अखंड सौभाग्य और खुशहाली की कामना की। मां की विदाई के इस भावुक पल में जहां एक ओर परंपरा और आस्था के रंग दिखे, वहीं दूसरी ओर अगले वर्ष मां के फिर आगमन की उम्मीद भी श्रद्धालुओं के चेहरों पर नजर आई।

सिंदूर खेला में झलकी सदियों पुरानी परंपरा
पूजा पंडालों में महिलाओं ने पूरे विधि-विधान के साथ सिंदूर खेला की रस्म निभाई। सबसे पहले मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित किया गया, फिर महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर मंगलकामनाएं दीं। इस पारंपरिक रस्म को सुहाग, सौभाग्य और पारिवारिक खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। महिलाओं ने मां दुर्गा से पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना की। इस दौरान पंडालों में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
मिठास के साथ बंटी शुभकामनाएं, डांडिया ने बांधा समां
सिंदूर खेला के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया और खुशहाल जीवन की शुभकामनाएं दीं। जिले के कई पूजा पंडालों में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दुर्गोत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया। डांडिया नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। पारंपरिक धुनों और उत्सवी माहौल के बीच श्रद्धालुओं ने कार्यक्रमों का आनंद लिया। पूजा पंडालों में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक मेल-मिलाप और सांस्कृतिक परंपराओं की जीवंत तस्वीर देखने को मिली।
अब विसर्जन की तैयारी, निर्धारित रूट चार्ट का होगा पालन
दुर्गोत्सव के समापन के साथ ही मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारियां तेज हो गई हैं। निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार विसर्जन जुलूस निकाले जाएंगे। ऐसे में पूजा समितियों और श्रद्धालुओं के लिए तय मार्ग का पालन करना अहम होगा, ताकि विसर्जन प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। मां दुर्गा को विदाई देने के साथ ही भक्तों की जुबां पर एक ही कामना है—मां अगले वर्ष फिर आएं और सभी के जीवन में सुख, शांति व समृद्धि लेकर आएं।
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