
पाकुड़ संवाददाता। पाकुड़ के युवाओं के छोटे-छोटे आइडिया अब बड़े कारोबार का रूप ले सकते हैं। जिले में सात स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं और प्रशासन ने इनकी संख्या बढ़ाकर कम से कम 20 करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। युवाओं को स्थानीय समस्याओं को पहचानकर उनके व्यावहारिक समाधान तलाशने और उन्हें बिजनेस मॉडल में बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
सोमवार को रविंद्र भवन टाउन हॉल में आयोजित तेजस जिला स्तरीय कार्यशाला में उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि स्टार्टअप शुरू करने के लिए बड़ी पूंजी से ज्यादा जरूरी मजबूत आइडिया और किसी समस्या का प्रभावी समाधान है। उन्होंने युवाओं से नौकरी तलाशने के साथ रोजगार देने वाला बनने की दिशा में भी सोचने की अपील की।

स्थानीय जरूरतों में कारोबार की संभावनाएं
उपायुक्त ने कहा कि पाकुड़ की स्थानीय जरूरतों को रोजगार और उद्यमिता का आधार बनाया जा सकता है। कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। वहीं सौर ऊर्जा के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए सोलर पैनल के रिपेयर और मेंटेनेंस से जुड़े प्रशिक्षण की योजना भी तैयार की जा रही है।
उन्होंने कहा कि छोटे स्तर से शुरू किया गया कारोबार सही मार्गदर्शन, तकनीक और बाजार उपलब्ध होने पर बड़े उद्यम का रूप ले सकता है।
आइडिया से बाजार तक मिलेगा सहयोग
कार्यशाला में युवाओं को स्टार्टअप के लिए फंडिंग, प्रशिक्षण और बाजार तक पहुंच की प्रक्रिया की जानकारी दी गयी। जिला उद्योग केंद्र, एमएसएमई संस्थान और बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से उपलब्ध सहयोग के बारे में बताया गया। PMEGP, PMFME और RAMP जैसी योजनाओं के जरिए युवाओं और सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

सात स्टार्टअप पंजीकृत, पांच के प्रतिनिधि पहुंचे
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि भारत सरकार के पोर्टल पर पाकुड़ के सात स्टार्टअप पंजीकृत हैं। इनमें पांच स्टार्टअप के प्रतिनिधियों ने कार्यशाला में हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप इंडिया के तहत देश के 132 जिलों में आयोजित कार्यशालाओं के लिए पाकुड़ का भी चयन किया गया है।
विशेषज्ञों ने समझाया स्टार्टअप का सफर
कार्यशाला में बिजनेस आइडिया विकसित करने से लेकर नवाचार, क्षमता निर्माण, मेंटरशिप, इन्क्यूबेशन, वित्तीय सहयोग और बाजार से जुड़ने तक की पूरी प्रक्रिया समझायी गयी। DPIIT की टीम ने वर्चुअल माध्यम से स्टार्टअप इंडिया की सुविधाओं और केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
सहायक निदेशक एमएसएमई धनबाद दीपक कुमार और JIIDCO के प्रतिनिधि अनमोल कुमार समेत विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त मेघा भारद्वाज, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक राजेंद्र प्रसाद, सहायक निदेशक एमएसएमई दीपक कुमार एवं JIIDCO के प्रतिनिधि अनमोल चक्रवती ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला में आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कॉलेजों के विद्यार्थी, महिला प्रतिभागी, उद्यमी, नवोन्मेषक, कारीगर और उभरते उद्यमी शामिल हुए।
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