नागपुर में कल मनेगा 11वां आयुर्वेद दिवस, आयुष सेवा क्षेत्र पर पहली रिपोर्ट होगी जारी
नागपुर में जुटेंगे आयुर्वेद क्षेत्र के विशेषज्ञ, शोध और नवाचार पर होगा मंथन

नागपुर। आयुर्वेद को आधुनिक शोध, वैज्ञानिक प्रमाण और जनकल्याण से जोड़ने के उद्देश्य से आयुष मंत्रालय बुधवार को नागपुर में 11वें आयुर्वेद दिवस समारोह का आयोजन करेगा। इस वर्ष समारोह की थीम ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ रखी गई है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी आयुर्वेद संस्थानों, चिकित्सकों और इस क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों व हितधारकों की भागीदारी होगी।
राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में पहली बार तैयार की गई ‘आयुष सेवा क्षेत्र’ संबंधी रिपोर्ट जारी की जाएगी। इसे विकासशील देशों के लिए अनुसंधान और सूचना प्रणाली (आरआईएस) ने तैयार किया है। रिपोर्ट में देश में आयुष सेवा क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और उसके विभिन्न पहलुओं का आकलन प्रस्तुत किया गया है।

समारोह के दौरान आयुर्वेद में उपयोग होने वाले गोक्षुर (Tribulus terrestris) और चंद्रसूर (Lepidium sativum) से संबंधित सुरक्षा डोजियर भी जारी किए जाएंगे। इसके अलावा त्वचा संबंधी रोगों के उपचार के लिए तैयार किए गए मानक उपचार दिशा-निर्देश भी सामने रखे जाएंगे। इन पहलों का उद्देश्य आयुर्वेदिक उपचार पद्धति में वैज्ञानिक प्रमाण, अनुसंधान और सुरक्षित उपचार को और मजबूत करना है।
कार्यक्रम में ‘पारंपरिक ज्ञान से वैश्विक नेतृत्व तक : आयुष विजन 2030’ नामक रिपोर्ट भी जारी की जाएगी। इसके साथ भारत में आयुष से संबंधित आविष्कारों की स्थिति पर आधारित रिपोर्ट और सीसीआरएएस-अग्नि यानी केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद की आयुर्वेद ज्ञान नैपुण्य पहल से जुड़े आकलन स्केल वेब पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा।
समारोह में दो प्रमुख वैज्ञानिक सत्र आयोजित होंगे। पहले सत्र का विषय ‘शाश्वतम से विश्वास तक—स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद और 2047 की ओर मार्ग’ होगा। वहीं दूसरे सत्र में 2027 तक गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के बोझ को कम करने के लिए विभिन्न उपचार पद्धतियों के एकीकरण पर चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम में आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न आयुष परिषदों के प्रतिनिधि और देशभर के आयुष संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे। समारोह के माध्यम से आयुर्वेद क्षेत्र के शोधकर्ताओं, चिकित्सकों, संस्थानों और अन्य हितधारकों को आपसी अनुभव साझा करने तथा नई संभावनाओं पर चर्चा का मंच मिलेगा।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, 11वें आयुर्वेद दिवस का आयोजन आयुर्वेद में वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रमाण आधारित उपचार और नवाचार को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहेगा। देश और विदेश में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए स्वस्थ जीवन और सामुदायिक कल्याण में आयुर्वेद की भूमिका को व्यापक स्तर पर सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
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